कासगंज। इस बार गन्ना खरीद के लिए किसानों को मैनुअल पर्ची नहीं मिलेगी बल्कि मोबाइल पर ही मैसेज से पर्ची भेजी जाएगी। इसलिए किसानों को अपना मोबाइल इनबॉक्स खाली रखना होगा। क्योंकि निर्धारित समय तक ई पर्ची न मिलने पर स्वत: ही निरस्त मान ली जाएगी। गन्ना विभाग ने चीनी मिल और गन्ना समिति को भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
न्यौली चीनी मिल में दीपावली पर्व के बाद से गन्ने की पेराई कराए जाने की तैयारी की गई है। ऐसे में गन्ना विभाग भी तैयारियों में जुट गया है। गन्ना किसानों को गन्ना खरीद के लिए पर्चियां भेजे जाने की तैयारी है। पिछले साल गन्ना समिति के कर्मचारी किसानों को घर-घर गन्ना पर्ची देने गए थे लेकिन इस साल ऐसा नहीं होगा। कोरोना काल में मोबाइल मैसेज पर ही ई पर्ची भेजी जाएगी। खरीद का समय भी निर्धारित रहेगा। 72 घंटे तक ई पर्ची मान्य होगी। ऐसे में यदि मोबाइल का इनबॉक्स फुल है तो ईपर्ची मिलना संभव नहीं होगा। गन्ना विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपना इनबॉक्स खाली रखें।
वर्जन-
- सभी किसानों को मोबाइल पर ई-पर्ची भेजी जाएगी। ई-पर्ची 72 घंटे के लिए मान्य है। ऐसे में किसान गन्ना बिक्री के लिए अपने मोबाइल का इनबॉक्स खाली रखें। क्योंकि इनबॉक्स फुल होने पर ईपर्ची पहुंचना संभव नहीं होगा। - ओम प्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
- किसानों का गन्ना खरीदने के लिए मिल में ट्रायल चल रहा है। तैयारियां पूरी की गई हैं। किसानों को गन्ना विभाग की ओर से ई-पर्ची भेजी जाएगी। चीनी मिल उसी ईपर्ची के आधार पर गन्ने की खरीद की जाएर्गी।- एसपी सिंह, महाप्रबंधक गन्ना।