यमुना नदी में 43 नालों के गंदे पानी को गिरने से रोकने के लिए 136 करोड़ रुपये से जलनिगम ने योजना तैयार की। बीते साल जुलाई में नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा को मंजूरी के लिए भेज दिया। एनएमसीजी के अधिकारियों की मेज पर यमुना को प्रदूषण मुक्त करने का यह प्रोजेक्ट अटका हुआ है। इसी मामले में जलनिगम के एमडी को सुप्रीम कोर्ट ने तलब किया है।
अधिवक्ता केसी जैन ने ताजमहल के पीछे यमुना नदी से सिल्ट हटाने के मामले में याचिका दायर की थी, जिसमें जलनिगम ने यमुना नदी में गिर रहे 38 छोटे और 5 बड़े नालों के गंदे पानी को रोकने के लिए इन्हें टैप करने की योजना का ब्योरा दिया था। 136 करोड़ रुपये की योजना नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) को भेजी गई। इसमें 36 किमी लंबी लाइनें बिछाकर सभी 43 नालों को टैप किया जाना है। बल्केश्वर, भैरों नाला, वाटरवर्क्स, मनोहरपुर, नरायच, एत्मददौला और प्रकाश नगर तक 15.53 किमी लंबी राइजिंग मेन बिछाई जानी है। लगभग 21 किमी लंबी छोटी सीवर लाइन बिछेगी। रजवाड़ा, नरायच, मनोहरपुर, एत्माददौला, भैरों नाला, वाटरवर्क्स और बल्केश्वर के पंपिंग स्टेशनों को भी अपग्रेड किया जाएगा।
इन जगहों पर होने हैं काम
नालों को यमुना में गिरने से रोकने के लिए राधा नगर, सेक्सरिया नाला, बेलनगंज पुलिस चौकी नाला, बेलनगंज काली माता मंदिर नाला, न्यू राधा नगर नाला, आंबेडकर पार्क नाला, खैराती टोला नाला, गोकुल नगर, गणेश नगर, रामबाग, कटरा वजीर खां, चीनी का रोजा, दयानंद आश्रम, कछपुरा, प्रकाश नगर, नर्सरी मंदिर नाले को डायवर्ट और टैप कर एसटीपी पर ले जाया जाएगा। इसके लिए 3.563 किमी लंबी सीवर लाइन मनोहरपुर तक बिछाई जाएगी। वाटरवर्क्स नाला टैप करने के लिए 1.857 किमी लंबी 300-700 एमएम व्यास की सीवर लाइन, भैरों नाला पर 687 मीटर, नरायच में 2.782 किमी, कछपुरा में 2.821 किमी और एत्माददौला में 3.875 किमी लंबी सीवर लाइन बिछाकर नालों को टैप किया जाएगा।
ये बोले अधिशासी अभियंता
अधिशासी अभियंता स्वतंत्र सिंह ने बताया कि यमुना में गिर रहे 38 छोटे और 5 बड़े नालों की टैपिंग करने की योजना प्रदेश सरकार की ओर से एनएमसीजी के पास जा चुकी है। आईआईटी से भी योजना को हरी झंडी दिखा दी गई है। एनएमसीजी से मंजूरी का इंतजार है।