आगरा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण एक अप्रैल 2026 से खाद्य लाइसेंस के नियमों में बदलाव करने जा रहा है। अब खाद्य लाइसेंस आजीवन वैध रहेगा और व्यापारियों को बार-बार नवीनीकरण की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसी खाद्य पदार्थ का नमूना जांच में असुरक्षित पाया जाता है, तो संबंधित दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाएगा और बहाली होने तक कारोबार बंद रहेगा।
यह जानकारी खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय वर्मा ने सोमवार को संजय प्लेस स्थित एक होटल में चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की कार्यशाला में दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी चंद्र विजय सिंह ने व्यापारियों को आगाह किया कि खाद्य पदार्थों में रंगों के प्रयोग से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिठाई या अन्य उत्पादों के नमूने असुरक्षित घोषित होते हैं, तो व्यापारियों के लिए कानूनी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। खाद्य सुरक्षा पर आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ चैंबर अध्यक्ष राजकुमार भगत और महासचिव अनुज सिंघल ने किया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय वर्मा,चंद्र विजय आदि दीप प्रज्वलन में शामिल रहे।
1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले बदलाव:
- लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन को बार-बार रिन्यू नहीं कराना होगा।
- बेसिक रजिस्ट्रेशन की सीमा 12 लाख से 1.5 करोड़ कर दी गई है।
- 50 करोड़ तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए स्टेट लाइसेंस अनिवार्य होगा।
- 50 करोड़ से अधिक के टर्नओवर पर सेंट्रल लाइसेंसिंग के नियम लागू होंगे।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
चैंबर सचिव चतुर्वेदी ने कहा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं, बस हमें गुणवत्ता और ग्राहक की मांग पर ध्यान देना होगा। चैंबर के उपाध्यक्ष आशीष गर्ग ने कहा आगरा फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित हो रहा है। सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा मसाला उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। ब्रांडिंग और पैकेजिंग उत्पाद की सफलता की पहली सीढ़ी है।
नए सदस्यों को बांटे प्रमाण पत्र
कार्यक्रम में नए सदस्यों को सदस्यता प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इनमें वेद प्रकाश कुशवाह, संदीप कयला, अमित गर्ग, शिवम जैन आदि शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन मनीष अग्रवाल रावी ने किया।