फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: वेंटिलेटर पर आईसीयू, आधे में विशेषज्ञ डाॅक्टर-नर्सिंग स्टाफ नहीं

विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग की स्थिति। अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा। हरा पर्दा, कामचलाऊ जीवन रक्षक, एप्रन में स्टाफ और आईसीयू का बोर्ड। जिले में चल रहे अधिकांश अस्पतालों में ऐसे ही आईसीयू चल रहे हैं। ऐसे में मरीज नहीं आईसीयू खुद वेंटिलेटर पर हैं। मरीजों की जान से खिलवाड़ होता देख सुप्रीम कोर्ट ने सख्त होते हुए राज्य सरकारों को आईसीयू के जरूरी गाइड लाइन बनाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग में 1385 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इसमें 505 हॉस्पिटल हैं। इनमें करीब 50-60 फीसदी में अधूरे मानक हैं। इनमें विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी है। छोटे कमरों में ही आईसीयू चल रहे हैं। सटाकर बेड लगे हैं। चिकित्सक, प्रशिक्षित स्टाफ और जीवन रक्षक उपकरणों की कमी है। फिर भी रोजाना 15-20 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। इससे पूर्व में मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इसकी शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की जांच में आईसीयू में जरूरी मानक नहीं मिले। अभी लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 320 अस्पतालों के लाइसेंस के नवीनीकरण होना बाकी है।
मानक पूरे होने पर ही लाइसेंस
- मरीज की मौत और इलाज में लापरवाही की शिकायत की जांच में आईसीयू में कमी मिलने पर कार्रवाई की गई। भौतिक सत्यापन में मानक पूरे नहीं मिलने पर लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होगा। - डॉॅ. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ
विज्ञापन

नॉन मेडिको के अस्पताल में कमियां
- आईएमए के चिकित्सकों के अस्पतालों में आईसीयू के जरूरी मानक अपनाए जा रहे हैं। नॉन मेडिको अस्पतालों में अधिकांश में मानकों की कमी है। इससे मरीज की मौत के मामले भी होते हैं। - डॉ. पंकज नगायच, अध्यक्ष आईएमए
सुप्रीम कोर्ट ने मांगे थे मानक
- इंडियन सोसाइटी क्रिटिकल केयर मेडिसिन (आईएससीसीएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणवीर त्यागी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू के लिए जरूरी मानक मांगे हैं। इसमें से प्रमुख ये हैं।
विज्ञापन

- 8-8 घंटे के हिसाब से तीन विशेषज्ञ चिकित्सक।
- गंभीर मरीजों के लिए प्रति बेड पर एक नर्सिंग स्टाफ।
- बेड के लिए 150 स्क्वायर फीट से अधिक स्थान।
- वेंटिलेटर, मल्टी पैरामीटर मॉनिटर, वाईपैप मशीन, सक्शन मशीन।
- सक्शन मशीन, डिफिब्रिलेटर, इन्फ्यूजन पंप। आपात दवाएं।
- संक्रमण से बचाव को हेपा फिल्टर और वेंटिलेशन की सुविधा।
- अल्ट्रासाउंड मशीन, एक्सरे, डायलिसिस की सुविधा।
- हर बेड पर दो इन्फ्यूजन पंंप और दो डिफिब्रिलेटर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें