आगरा। अलीगढ़ के रोरावर थाने में तैनात आगरा के बेमन गांव की महिला सिपाही हेमलता की मौत पर परिवार ने सवाल उठाए हैं। हेमलता के पिता कर्मवीर चाहर ने बताया कि मौत से दो घंटे पहले बेटी ने फोन कर घर आने की सूचना दी थी। उसे चाचा की बेटी की शादी में शामिल होना था। वह बहुत खुश थी। ऐसे में खुशी के बीच कोई कैसे आत्महत्या कर सकता है।
शनिवार को हेमलता की मौत की खबर गांव में पहुंची तो परिवार में मातम छा गया। घर में हेमलता की चचेरी बहन की शादी की तैयारियां चल रहीं थी। पिता कर्मवीर और मां बैजयंती को बेटी के आने का इंतजार था, लेकिन करीब 2:30 बजे थाने से फोन आया, उन्होंने बेटी की मौत की सूचना दी। घर में शादी की खुशियों का माहौल पल भर में गम में बदल गया।
पिता कर्मवीर ने बताया कि बेटी की करीब एक बजे कॉल आई थी कि उसे छुट्टी मिल गई है। वह चाचा बच्चू सिंह की बेटी पूजा की शादी में आ रही है। घर पर सभी इंतजार कर रहे थे। लेकिन उसकी मौत की खबर आ गई।
सूचना पर उन्होंने हेमलता के मामा छीतर सिंह को बेटी के कमरे पर भेजा। छीतर ने उन्हें बताया कि कमरे में बेटी का बैग तैयार था। टेबल पर कटा सेव और गर्म दूध रखा था। यह सब देखकर कहीं से नहीं लग रहा था कि वह आत्महत्या कर सकती है।
चार बच्चों में छोटी थी हेमलता
पिता कर्मवीर चाहर किसान हैं। उनके दो बेटे नीटू और सोनू दोनों प्राइवेट नौकरी करते हैं। बड़ी बेटी रेनू की शादी हो गई है। हेमलता सबसे छोटी थी। पिता उसकी शादी के लिए लड़का देख रहे थे।