आगरा। पुनरीक्षित बजट को लेकर शनिवार को नगर निगम मुख्यालय स्थित सभागार में बुलाई गई सदन की बैठक के दौरान कई पार्षदों ने टोरंट पॉवर कंपनी के अधिकारियों की मनमानी पर सवाल उठाए। पार्षदों का कहना था कि बैठक में टोरंट के अफसरों का न आना सदन का अपमान है।
पार्षद शरद चौहान, हेमंत प्रजापति, प्रकाश केशवानी, अनुराग चतुर्वेदी, राकेश जैन आदि ने कहा कि रोक के बावजूद टोरंट धड़ल्ले से शहरभर में कहीं भी सड़काें को खोद रहा है। पार्षदों का कहना था कि टोरंट की देखादेखी एयरटेल, वोडाफोन जैसी कंपनियां भी सड़कों को नुकसान पहुंचा रही हैं। बिना पार्षदों की जानकारी के ही काम होने से कई बार गड्ढे होने के बाद जानकारी मिलती है। इस पर महापौर के निर्देश पर नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को संबंधित क्षेत्र के पार्षद को क्षेत्र में होने वाली किसी निर्माण संबंधी गतिविधि की जानकारी मुहैया कराने को कहा। पार्षदों ने कहा कि खोदी गई सड़क को ठीक करने के नाम पर भी एजेंसियां मनमानी कर रही हैं। टोरंट पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि इसी साल टोरंट कंपनी पर 31 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, महापौर ने सभी पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में टोरंट की वजह से आ रही दिक्कतों के संबंध में पत्र भेजने को कहा। कंपनी के संबंध में विशेष सत्र बुलाने पर निर्णय लिया जाएगा।
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उधार के पैसों से न चलाएं नगर निगम
पार्षद सुनील शर्मा, शरद चौहान, प्रदीप अग्रवाल, गौरव शर्मा आदि ने केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाले फंड व लोन के पैसों से नगर निगम को न चलाने की सलाह दी। नई पार्किंग चिह्नित करने के साथ ही निगम की दुकानों का किराया निर्धारण, वसूली को बढ़ाने, विज्ञापन से होने वाली आय बढ़ाने के लिए प्रयास करने पर जोर दिया। मेट्रो की वजह से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए कहा। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि मेट्रो को इस संबंध में पत्र लिखा गया है।
पूर्व सैनिकों की नियुक्ति ने बढ़ाया बोझ
बैठक के दौरान निगम ने बताया कि अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई के लिए रखे 40 बाउंसर हटाए गए हैं। अब उनकी जगह पूर्व सैनिक कल्याण निगम से पूर्व सैनिकों को लिया गया है। उनको रखने की वजह से सुरक्षा गार्ड के मद में खर्च बढ़ा है। पार्षद रवि माथुर ने वाहनों के रखरखाव के लिए निर्धारित 12 करोड़ के बजट पर सवाल उठाए। उन्होंने उसे घटाने की मांग की। हालांकि महापौर व नगर आयुक्त ने उद्यान व पार्क, पौधरोपण आदि के बजट में भी कटौती के साथ ही बजट कटौती को अगले साल आने वाले बजट में शामिल करने की बात कही।