जैतपुर के कमौनी गांव में शनिवार रात बाडे़ में बंधी 15 बकरियों को एक लकड़बग्घे ने हमलाकर मार डाला। वहीं, मऊ की मढ़ैया गांव में एक बछडे़ का शिकार किया। दोनों गांवों के अलावा आसपास के इलाकों में लकड़बग्घे के हमले को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
कमौनी गांव निवासी रामकिशन का बाड़ा चंबल के बीहड़ के किनारे पर बना है। इसमें 15 बकरियां बंधी थी। शनिवार की रात रामकिशन बाड़े के बाहर सोते रहे और लकड़बग्घे ने बाडे़ में घुसकर एक-एक कर 15 बकरियों को मार डाला। रविवार की सुबह बाडे़ में बकरियों के क्षत-विक्षत शव पडे़ मिले। बाडे़ के अंदर और बाहर लकड़बग्घे के पैरों के निशान देखने को मिले। ग्रामीणों ने बताया कि तीन चार लकड़बग्घे सक्रिय हैं जो गांव तक पहुंच जाते हैं। पड़ोस के ही गांव मऊ की मढै़या में शनिवार की दोपहर लकड़बग्घे के हमले से बीहड़ में चर रहा बछड़ा मर गया। गांव के लोगों ने बताया कि अब तक दर्जन भर गाय और बछड़ों पर लकड़बग्घे हमला बोल चुके हैं। गांव की गलियों और घरों तक में घुस आते हैं। पूर्व ब्लाक प्रमुख जैतपुर राजेंद्र सिंह ने वन विभाग से लकड़बग्घों को पकड़वाने की मांग की है।