आगरा। आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के पैंतीखेड़ा गांव में अक्तूबर 2022 में हुए दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला जज लोकेश कुमार ने आरोपी पति मनमोहन जुरैल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
वादी बलवीर सिंह (निवासी मथुरा) ने थाना खंदौली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी ममता की शादी 26 जनवरी 2016 को मनमोहन से हुई थी। उनके एक बेटा और एक साल की बेटी सौम्या थी। आरोपी पति को शक था कि बेटी की शक्ल उससे नहीं मिलती है, जिसके चलते वह पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी शक के कारण उसने अक्तूबर 2022 की रात में अपनी पत्नी ममता और एक साल की बेटी सौम्या की गला और मुंह दबाकर निर्मम हत्या कर दी थी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। वहीं, बचाव पक्ष ने इसे बंदरों के हमले की घटना बताने का प्रयास किया, जिसे अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर खारिज कर दिया। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही, जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि ममता के जीवित बचे पांच वर्षीय बेटे की शिक्षा-दीक्षा के लिए उसे राज्य सरकार के आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाए और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत हरसंभव सहायता प्रदान की जाए।