आगरा। मानसून के बादलों ने देरी से ही सही लेकिन आगरा को जमकर भिगो दिया। जुलाई में बेशक सामान्य से कम बारिश हुई मगर अगस्त का आगाज बेहतर रहा है। आगरा के आसपास के जिलों में मानसून के बादल कहीं रूठे तो कहीं मेहरबान रहे। एटा और फिरोजाबाद में सामान्य से ज्यादा बारिश रही है, वहीं मैनपुरी और मथुरा में सूखे जैसे हालात हैं। मैनपुरी में सामान्य से 56 फीसदी और मथुरा में 34 फीसदी बारिश कम रही है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मानसूनी बारिश के आंकड़ों के मुताबिक चार अगस्त तक आगरा में बारिश सामान्य रही है लेकिन कान्हा की नगरी से बादल फिर से रूठे हुए हैं। मथुरा में सामान्य से 34 फीसदी बारिश कम है। मंडल में मैनपुरी में सूखे जैसे हालात हैं, जहां सामान्य से 56 फीसदी बारिश कम दर्ज की गई है। इससे यहां धान और बाजरा की फसलों को नुकसान के साथ सब्जियों की फसल भी प्रभावित हो रही है। बारिश कम होने का असर भूगर्भ जल पर भी पड़ रहा है।
जिला ये हुई बारिश इतनी होनी चाहिए कमी/ज्यादा
आगरा 262.9 267.3 सामान्य
एटा 320.2 252.2 27%
फिरोजाबाद 331.3 287.3 15%
मैनपुरी 144.1 329.4 -56%
मथुरा 168.3 256.2 -34%
कासगंज 273.3 336.2 -19%
बाजरा के लिए बरस रहा अमृत
तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश बाजरा की फसल के लिए अमृत की तरह है। कृषि विभाग के मुताबिक रिमझिम बारिश से बाजरा की फसल को फायदा होगा, वहीं धान की फसल के लिए भी यह फायदेमंद साबित होगा। सब्जियों की फसल पर प्रभाव पड़ सकता है। अगर तेज बारिश हुई तो फल कम और छोटे आकार के आ सकते हैं।
पश्चिमी यूपी के 22 जिलों में कम बारिश
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 33 में से 22 जिलों में कम बारिश हुई है, वहीं केवल 11 जिलों में ही ज्यादा बारिश दर्ज की जा सकी है। पश्चिमी यूपी के पीलीभीत में सामान्य से 77, शामली में 69, गाजियाबाद में 65, अमरोहा में 64 और झांसी में 59 फीसदी बारिश कम हुई है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश से मानसून के बादल पूरी तरह से रूठे रहे हैं। पूर्वी यूपी के 42 जिलों में से 40 में सामान्य से कम बारिश हुई है।