मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव भदौरा में 19 साल पहले महिला की मौत के मामले में पति को 20 साल की सजा सुनाई गई है। सास, ससुर को भी दोषी पाकर 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। एफटीसी प्रथम के जज कुलदीप सिंह ने तीनों पर 25925 हजार जुर्माना भी लगाया है।
भदौरा के रहने वाले सर्वेश कुमार की शादी वर्ष 2002 में मीरादेवी के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर पति सहित ससुराल के लोगों ने मीरादेवी को परेशान करना शुरू कर दिया। 17 सितंबर 2005 को मीरादेवी की ससुराल में मृत्यु हो गई। ससुराल के लोग शव को घर में छोड़कर भाग गए। मीरादेवी के भाई वीरेंद्र सिंह निवासी नगला भवानी थाना मोहम्मदाबाद जिला फर्रुखाबाद ने पति सर्वेश, ससुर लल्लन सिंह, सास फूलश्री, देवर अनिल, ननद बिट्टोदेवी, नीरज के खिलाफ थाना भोगांव में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने जांच में देवर अनिल, ननद बिट्टोदेवी, नीरज के नाम झूठे पाकर निकालकर पति सर्वेश, ससुर लल्लन सिंह, सास फूलश्री के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज कुलदीप सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने तीनों केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर एफटीसी प्रथम के जज कुलदीप सिंह ने पति सर्वेश को 20 साल की सजा सुनाई है। सास, ससुर को भी दोषी पाकर 10910 साल की सजा सुनाई है। तीनों पर 25925 हजार जुर्माना भी लगाया गया है।
तीन का अलग से चल रहा मुकदमा
मीरादेवी की दहेज मृत्यु में पुलिस ने जांच में देवर अनिल, ननद बिट्टोदेवी, नीरज के नाम झूठे पाकर निकाल दिए थे। मुकदमा शुरू होने पर तीनों को 10 सितंबर 2009 को न्यायालय में तलब किया गया था। उनका मुकदमा अलग से एफटीसी प्रथम के जज कुलदीप सिंह के न्यायालय में ही चल रहा है।