आगरा में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को उसके दूसरे पति के साथ विदा किया। दूसरे पति ने उसे घर बुलाकर दावत दी और धन्यवाद कहा। यह कहानी थोड़ी फिल्मी है, लेकिन सच है।
थाना हरीपर्वत में रविवार को झांसी के प्रेम नगर का रहने वाला एक पुजारी शपथ पत्र लेकर आया था। इसमें लिखा था कि उसकी पत्नी किसी और को चाहती है, उससे शादी कर चुकी है। इसमें उसे कोई एतराज नहीं है।
पुजारी ने पुलिस के सामने ही पत्नी से कहा कि वो खुशी से दूसरे पति के साथ जा सकती है। दूसरा पति उसे साथ ले गया। उसने पुजारी को धन्यवाद किया। घर बुलाकर दावत भी दी।
जूता कारीगर से हुआ प्यार
महिला भी झांसी की रहने वाली है। पुजारी से उसकी शादी आठ साल पहले हुई। तब वो प्राइवेट कंपनी में काम करता था। उसकी पत्नी की बहन की ससुराल आगरा के जगदीशपुरा में है।
पुजारी की उससे शादी के कुछ दिन बाद वो बहन के पास आ गई। आगरा में ही प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने लगी। पुजारी से उसे दो बच्चे हुए। दोनों उसके साथ रहते हैं।
इधर, पति ने प्राइवेट नौकरी छोड़ मंदिर में पुजारी का काम करना शुरू कर दिया। उधर, पत्नी के नैन जगदीशपुरा क्षेत्र के ही एक जूता कारीगर से लड़ गए। उसकी पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी थी।
'पत्नी की दूसरी शादी से एतराज नहीं'
दो बच्चे हैं, उन्हें साथ ले गई थी। कारीगर ने पुजारी की पत्नी को उसके दो बच्चों सहित अपना लिया। रविवार को पुजारी, उसकी पत्नी, उसके परिजन, पत्नी का दूसरा पति सभी लोग थाना हरीपर्वत पहुंचे।
पुजारी ने कहा कि उसे पत्नी की दूसरी शादी से एतराज नहीं है। वो मंदिर में रहकर शांति से पूजा पाठ करना चाहता है, उसे डर इस बात का है कि पत्नी बाद में कोई केस न कर दे। इस कारण से लिखा पढ़ी कर रहा है।
उसने पत्नी से कहा, जा, जी ले अपनी जिंदगी, कभी मेरा मन करे तो बच्चों का चेहरा दिखा देना और कुछ नहीं चाहता। पत्नी के दूसरे पति ने उसे धन्यवाद कहा और दावत देने के लिए घर ले गया।