बाह। शादी के बाद से उत्पीड़न झेल रही जैतपुर के मऊ गांव की 7 माह की गर्भवती लक्ष्मी का मारपीट के बाद ससुरालियों ने खाना पीना बंद किया तो वह मंगलवार को अपनी जान माल की रक्षा की गुहार लगाने के लिए एसीपी बाह हरेकृष्ण शर्मा से मिली।
अहमदाबाद की लक्ष्मी की शादी करीब 7 साल पहले जैतपुर के मऊ गांव के पुजारी के साथ हुई थी। एसीपी को संबोधित प्रार्थना पत्र में लक्ष्मी ने कहा है कि 8 मई 2024 को पति उसे मऊ गांव में छोड़ कर चला गया था, कहा था कि काम धंधे के लिए एक लाख रुपये मायके से लाएगी, तभी साथ रखेगा। 11 मई 2024 को कमरे में बंद कर तकिया से मुंह दबा कर जान लेने की कोशिश की, चीख पुकार पर पहुंचे पड़ोसियों ने जान बचाई थी। पंचों ने राजीनामा कराया तो पति उसे अपने साथ अहमदाबाद ले गया। 28 दिसंबर 2025 को वह मऊ गांव में यह कह कर छोड़ गया कि 5 माह की गर्भवती हो, घर पर देखभाल हो जाएगी। देखभाल की बजाय ससुराली उत्पीड़न पर उतारू हैं। 25 फरवरी 2026 की रात ससुरालियों ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। कॉल किए जाने पर 112 पुलिस आई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस के जाने के बाद ससुरालियों ने गाली गलौज की। खाना पीना तक नहीं दे रहे। एसीपी ने जैतपुर पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।