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छह दिन से भूखे युवक ने टिफिन के लिए एथलीट पर किया हमला, पुलिस ने पकड़ा तो बोला पहले खाना खिला दो

Sun, 30 Aug 2020 06:38 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

प्रमोद घबरा गए। उन्होंने पीछे हटकर शोर मचाया। मगर, कोई मदद को नहीं आया। कुछ गाड़ी वाले रुके, लेकिन चले गए। ग्रामीण भी काफी दूर नजर आ रहे थे। प्रमोद ने पीठ पर टंगा बैग दे दिया। 
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प्रमोद कटारा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑनलाइन हाफ मैराथन में हिस्सा ले रहे एथलीट प्रमोद कटारा पर रविवार सुबह एक युवक ने बांक से हमला बोल दिया। जान से मारने की धमकी देकर बैग लूट लिया। ग्रामीण और राहगीरों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया। सूचना पर पुलिस आ गई। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। उसने बताया कि छह दिन से भूखा था। शनिवार रात को रोटी मिली। पेट नहीं भरा, इसलिए दोबारा भूख लगने पर खाने का टिफिन होने की उम्मीद में बैग छीना था। पुलिस से यही कहा कि जो कार्रवाई करनी है कर दो, पहले खाना खिला दो। इस पर पुलिस उसे थाने ले गई। 
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अर्जुन नगर, शाहगंज निवासी एथलीट प्रमोद कटारा ने बताया कि इनर रिंग रोड पर वह रोजाना दौड़ लगाने जाते हैं। होटल रमाडा के पास अचानक एक युवक उनके सामने आ गया। उन्हें रोककर बोला कि अपना बैग दो। उन्होंने उससे कहा कि बैग में सिर्फ पानी की बोतल है। आरोपी युवक के पास भी एक बैग था। उसने बैग से एक बांक निकाल लिया। हमला करने लगा।

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वह अपनी फुर्ती और साहस से बच गए। मगर, वह उनसे बोला कि यहीं मार देगा, बैग दो। प्रमोद घबरा गए। उन्होंने पीछे हटकर शोर मचाया। मगर, कोई मदद को नहीं आया। कुछ गाड़ी वाले रुके, लेकिन चले गए। ग्रामीण भी काफी दूर नजर आ रहे थे। प्रमोद ने पीठ पर टंगा बैग दे दिया। इसके बाद भाग निकले। आरोपी बैग खोलने लगा। प्रमोद के भाई सुनील दो किलोमीटर दूर खड़े थे, वह आ गए। तब तक कुछ ग्रामीण और ऑटो में सवार लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। 
 
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पुलिस ने खिलाया खाना 
ताजगंज की तोरा पुलिस चौकी पर लाकर आरोपी से पूछताछ की गई। पुलिस ने बताया कि अपना नाम सुभाष बताया। कहा कि वह बिहार का रहने वाला है। ट्रक में केले उतारने का काम करता है। वह छह दिन से भूखा था। शनिवार को किसी ने खाना खिलाया, लेकिन पेट नहीं भरा। सुबह फिर से भूख लग रही थी। उसे लगा कि बैग में टिफिन है। इसलिए मांग रहा था। इस पर पुलिस ने आरोपी के लिए खाना मंगवाया।

उसका पेट भरने के बाद दोबारा पूछताछ की। प्रमोद कटारा ने पहले हमले की तहरीर दी थी। मगर, बाद में उसके मानसिक रोगी होने की आशंका पर लिखकर दिया है कि कोई कार्रवाई नहीं चाहते। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि यहां कैसे आया। कोई अपराधी तो नहीं है। आपराधिक इतिहास भी देखा जा रहा। 

65 दिन की दौड़ कर चुके पूरी 
प्रमोद कटारा ने बताया कि वह सौ दिन की दौड़ कर रहे हैं। 65 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके लिए 21 किलोमीटर रोज दौड़ना होता है। यह ऑनलाइन होती है। इसके लिए रोजाना निकलते हैं। वह रिकॉर्ड तोड़ना चाहते हैं।

 
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