किसानों की मेहनत पर रातभर में इस तरह पानी फिर गया, कि सुबह खेतों की हालत देख उनके आंसू छलक पड़े। किसानों को समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर दोष किसे दें। कोई सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन करने में जुट गया, तो किसी ने बर्बादी का ये मंजर देख अपना सिर पकड़ लिया।
मैनपुरी के ग्राम अजीतगंज में बह रहे नगरिया रजबहा में बीती रात खंदी कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। मंगलवार सुबह किसानों को जानकारी हुई तो खंदी बंद करने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार नगरिया रजबहा में पानी क्षमता से अधिक बहता है, जिससे सोमवार रात में अजीतगंज क्षेत्र में बीरमपुर पुलिया के समीप खंदी कट गई। खंदी कटने से रातों रात सैकड़ों बीघा में खड़ी किसानों की उर्द, मूंग, मक्का, घुइया की फसलें जलमग्न हो गईं।
मंगलवार सुबह किसानों जब खेतों की ओर पहुंचे तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए। कुछ किसान आनन-फानन में खंदी बन्द करने के प्रयास में जुट गए, तो कुछ ने इस मामले में तत्काल ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। तेज बहाव के कारण किसानों को खंदी बंद करने में सफलता नहीं मिली।
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किसानों ने सिंचाई विभाग के एसडीओ एसएस किरानी को सूचना दी। एसएस किरानी ने बताया कि खंदी होने की सूचना मिली थी। बहुत जल्द खंदी को बंद कराने का कार्य शुरू कर दिया गया।
वहीं उन्होंने बताया कि खंदी कटने से नरेंद्र मिश्रा, श्रवण कुमार, भानू मिश्रा, राधा बल्लभ मिश्रा, धर्मेंद्र कुमार, सुभाष चंद, राजेश कुमार, हरिओम, मोहनलाल आदि किसानों की फसलों में नुकसान हुआ है।