कासगंज। सात जन्म तक साथ निभाने का बंधन बांधकर बाबुल के घर से पिया के साथ विदा हुई थी लक्ष्मी। पल भर में सपने टूट गए। जिंदगी के सफर की शुरूआत से पहले ही हमसफर छूट गया। खुद भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
यह दर्द है गांव नगला बरी निवासी लक्ष्मी का, जो सड़क हादसे में पति, ससुर और दो अन्य रिश्तेदारों को खोकर स्वयं भी घायल हालत में दर्द से कराह रही है। वह अलीगढ़ के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है, लेकिन उस पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव भुजपुरा निवासी विजेंद्र जब रविवार को लक्ष्मी की विदा कराकर घर ले जा रहा था तो उसके मन में साथ जीने मरने के सपने रहे होंगे। तेज आवाज के साथ हादसा हुआ और पल भर में सारे सपने टूट गए।
मिथलेश का दर्द ज्यादा
विधवा हुई नवविवाहिता लक्ष्मी से ज्यादा दर्द मां मिथलेश को है, जिसने सेहरा उतरने से पहले ही अपने लाड़ले को खो दिया। लाड़ले के साथ पति और दामाद की भी मौत हो गई।
एक हादसे ने छीन लिया चार मांगों का सिंदूर
एक हादसे ने कई परिवारों में कोहराम मचा दिया। चार मांगों का सिंदूर उजड़ गया। एक ही परिवार की तीन लोगों सहित कार चालक की पत्नी का सुहाग भी उजड़ गया।