आगरा में मानव तस्करी का मामला सामने आया है। एक 12 वर्षीय बच्ची को परिजन ने 10 हजार रुपये में बेच दिया। उसे ट्रेन से राजस्थान भेजा जा रहा था। ट्रेन में आरपीएफ ने बच्ची को मुक्त कराया। साथ ही मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने ऑपरेशन आहट के तहत कार्रवाई करते हुए 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची को मानव तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया। बच्ची को कथित तौर पर 10 हजार रुपये में खरीदकर जबरन शादी के लिए राजस्थान ले जाया जा रहा था। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने के सुपुर्द किया गया।
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आरपीएफ इंस्पेक्टर के अनुसार आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन आहट के तहत ये मामला पकड़ा है। रविवार को आरपीएफ पोस्ट आगरा फोर्ट की उप निरीक्षक मनीषा, कांस्टेबल संजय सिंह, योगेंद्र शर्मा और एनजीओ के सहायक परियोजना अधिकारी ललित यादव टूंडला-आगरा फोर्ट सेक्शन में गुवाहाटी-बीकानेर एक्सप्रेस में जांच कर रहे थे। इसी दौरान सामान्य कोच में 12 वर्षीय किशोरी निवासी पूर्णिया (बिहार) संदिग्ध अवस्था में मिली। पूछताछ में बच्ची ने बताया कि उसके माता-पिता ने 10 हजार रुपये लेकर उसकी जबरन शादी राजस्थान के गोपाल गहलोत से कर दी है और उसकी इच्छा के विरुद्ध उसे साथ ले जाया जा रहा है।
बच्ची के बताए अनुसार आरपीएफ ने गोपाल गहलोत, गौरीशंकर और शिम्पी देवी को हिरासत में लिया। पूछताछ में तीनों ने बच्ची को लेकर राजस्थान जाने और उसके माता-पिता को 10 हजार रुपये देने की बात स्वीकार की। आगरा फोर्ट स्टेशन पर तीनों को उतारकर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना आगरा के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 3(5), 143(5) तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9 और 11 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। वहीं, नाबालिग बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।