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यूपी की जेलों को लेकर बड़ा खुलासा, मानवाधिकार आयोग सख्त, आईजी जेल व मुख्य सचिव को समन

Sat, 03 Nov 2018 11:52 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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जेल
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उत्तर प्रदेश की जेलों में कैदियों की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सख्त है। एक आरटीआई एक्टिविस्ट की शिकायत पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए आईजी जेल और मुख्य सचिव को समन जारी किया है। उन्हें 12 दिसंबर को आयोग में पेश होने के निर्देश दिए हैं। 
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आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पारस ने वर्ष 2012 से 2017 प्रदेश की विभिन्न जेलों में मरने वाले कैदियों का ब्योरा आरटीआई के माध्यम से मांगा था। इसमें खुलासा हुआ था कि पांच साल में 2062 कैदियों की मौत हुई। कैदियों की मौत का कारण अलग-अलग है। किसी की मौत बीमारी तो किसी की मौत अन्य कारणों से हुई। 

नरेश पारस ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की। इस पर आयोग की ओर से आईजी जेल और मुख्य सचिव को नोटिस जारी किए गए। आयोग को अधिकारियों ने रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट से आयोग संतुष्ट नहीं हुआ। इस पर अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। मगर, कोई सही जवाब नहीं मिला।
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12 दिसंबर को पेश होना होगा

आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पारस ने बताया कि अब आयोग ने आईजी जेल और मुख्य सचिव के समन जारी किए हैं। दोनों अधिकारियों को 12 दिसंबर को दिल्ली स्थित कार्यालय में पेश होना होगा। 

बरेली जेल में सबसे ज्यादा मौत

आरटीआई में मिली जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक कैदियों की मौत बरेली में हुईं। पांच साल में बरेली की जिला जेल में 170 कैदियों और सेंट्रल जेल में 129 की मौत हुई। फतेहपुर जिला जेल में 140 और सेंट्रल जेल में 110 की मौत हुई। 

आगरा की जिला जेल में 43 और सेंट्रल जेल में 79 की मौत हुई। इलाहाबाद सेंट्रल जेल में 98, वाराणसी जेल में 83 और लखनऊ जेल में 70 कैदियों की मौत हुई। 
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