उसने चूरन के धोखे में चूहे मारने की दवा का सेवन कर लिया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे नयति हॉस्पिटल ले गए। यहां इलाज के दौरान मंगलवार को मैनेजर ने दम तोड़ दिया।
एचआर मैनेजर गौरव दीक्षित की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल लेकर आई। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
हाईवे थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप सरोज ने बताया कि मृतक के पिता ने चूरन की बजाए गलती से चूहे मारने की दवा सेवन करना बताया है। इस संबंध में लिखकर भी दिया है।