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कैसे होगी गेहूं खरीद, पंजीकरण का ब्योरा नहीं, सत्यापन हवाहवाई

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कासगंज गंजडुंडवारा का गेहूं खरीद केंद्र - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। 1 अप्रैल से गेहूं खरीद के भले ही दावे कर दिए हों लेकिन धरातल पर व्यवस्थाएं हवा हवाई नजर आई हैं। अभी तक विपणन विभाग को पंजीकृत किसानों का कोई ब्योरा नहीं मिल सका है। जबकि गेहूं खरीद के लिए किसानों का सत्यापन होना बेहद जरूरी है। पोर्टल पर भी पंजीकृत किसानों का ब्योरा नहीं दर्शाया गया है।
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जिले में गेहूं खरीद के लिए केंद्रों का निर्धारण किए जाने के बाद खरीद की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है, लेकिन व्यवस्था में एक बड़ी चूक दिखाई दी है। तकनीकि खामी के चलते पोर्टल पर इसका विवरण दिखाई नहीं दे रहा लेकिन विभाग इस खामी को दूर कराने में लापरवाह बना हुआ है।
इससे किसानों का पंजीकृत ब्योरा विभाग के पास नहीं है। नियमानुसार गेहूं बिक्री के लिए किसानों को पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है फिर राजस्व विभाग की टीमें सत्यापन करती हैं, लेकिन अभी तक विपणन विभाग के पोर्टल पर किसानों के पंजीकरण का ब्यौरा उपलब्ध न हो पाने से सत्यापन में दिक्कतें आ रही है। ऐसे में गेहूं खरीद में दिक्कतों का सामना करना तय है।
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यह होता है सत्यापन
जो किसान पंजीकृत होते हैं उनका यह सत्यापन किया जाता है कि जितने हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल दर्शाते हुए खरीद के लिए पंजीकरण कराया है। क्या उस गाटा संख्या में गेहूं की फसल खड़ी है। और यदि है तो संबंधित पंजीकृत किसान की है या किसी अन्य की लेकिन अभी तक सत्यापन का कोई ब्योरा भी विपणन विभाग को नहीं मिला है।
इन संस्थाओं के बने हैं खरीद केंद्र
- खाद्य विभाग।
- मंडी समिति।
- पीसीएफ
- भारतीय खाद्य निगम।
आंकड़ों की नजर में
- 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने पर एडीएम से कराना होगा सत्यापन।
- 57 केंद्रों पर शुरू की गई है गेहूं खरीद।
- 99867 हेक्टेयर क्षेत्रफल में हुई है गेहूं की पैदावार।
- गेहूं खरीद केंद्रों की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं। अभी तक पोर्टल पर किसानों के पंजीकरण का कोई ब्योरा नहीं मिला है। बिना सत्यापन के किसानों के गेहूं की खरीद नहीं की जा सकती। रकवे, नाम और गेहूं की मात्रा का सत्यापन होना अनिवार्य है। संभावना है कि अगले हफ्ते तक पंजीकृत किसानों का ब्योरा मिल जाएगा और खरीद शुरू हो जाएगी। - विजय कुमार शुक्ला, जिला विपणन अधिकारी।
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