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UP:  राजकीय संप्रेक्षण गृह में आखिर कैसे  बनाए गए वीडियो, दो कर्मचारियों के  निलंबन की संस्तुति

Tue, 19 Nov 2024 09:50 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

राजकीय संप्रेक्षण गृह में बाल अपचारियों के वीडियो मामले में दो कर्मचारियों के निलंबन की संस्तुति हुई है। इसके साथ ही सीडीओ ने डीपीओ को जांच के निर्देश दिए हैं। 
 
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बाल अपचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के राजकीय संप्रेक्षण गृह में बाल अपचारियों के वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जांच की। इसमें केयरटेकर प्रताप भान और क्राफ्ट प्रशिक्षक जगदंबा गाैतम को दोषी पाया गया है। दोनों के निलंबन की संस्तुति की गई है। पर्यवेक्षक और गेट पर तैनात होमगार्ड की भूमिका की जांच जारी है।
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इंस्टाग्राम पर वायरल हुए वीडियो
राजकीय संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध बाल अपचारियों के कई वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हुए थे। मामले में सीडीओ प्रतिभा सिंह ने डीपीओ को जांच के आदेश किए थे। सोमवार को डीपीओ ने बाल अपचारियों के बयान लिए। इसमें पता चला कि वीडियो एक महीने पुराने हैं। बाल अपचारियों से मिलने परिजन आए थे। इस दाैरान आए एक मैकेनिक से मोबाइल लेकर वीडियो बनाए गए। यह भी पता चला कि अपचारियों से न्यायालय पेशी पर जाते समय और गृह पर मुलाकात के लिए आने वाले परिजन की गेट पर ठीक से चेकिंग नहीं हो रही है।

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इनकी भूमिका संदिग्ध
परिजन जो खाद्य सामग्री लेकर आते हैं, उसे बिना जांच के अंदर भेज दिया जाता है। होमगार्ड और केयरटेकर की भूमिका संदिग्ध है। अभी अन्य कर्मचारियों की भी जांच हो रही है। उन पर भी कार्रवाई हो सकती है। पूर्व में भी मोबाइल के प्रयोग की शिकायत की गई थी। इस पर पर्यवेक्षक को हटाया गया था।

 
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