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Agra News: बारिश में टपकती छत के नीचे कैसे पढ़े देश का भविष्य

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फतेहाबाद। बारिश में टपकती छतों के नीचे देश का भविष्य को शिक्षित किया जा रहा है। बच्चों की कक्षा लगेगी या नहीं, यह बारिश को देखकर तय किया जाता है। सरकारी कार्यप्रणाली से फतेहाबाद ब्लॉक के कई परिषदीय विद्यालय जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। जलभराव और प्लास्टर गिरने की घटना आम बात हो गई है।
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केस-1 पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेगमपुर

विद्यालय में चार कमरे हैं, जिसमें एक पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। अन्य कमरों में भी बारिश के समय छतों पानी टपकता है। अधिक बारिश होने पर विद्यालय में शिक्षक खुद छुट्टी कर देते हैं। यहां पर 26 बच्चे पंजीकृत है। अभिभावक प्रदीप कुमार बताते है कि लंबे समय से विद्यालय जर्जर बना हुआ है। बारिश के मौसम में बच्चों को विद्यालय भेजने में डर लगता है। ग्रामीण बीपी सिंह बताते है कि पिछले साल एकदम से प्लास्टर गिरने से बच्चे और शिक्षिका बच गई थी। अधिकारी कोई ध्यान नहीं देते है।
केस-2 पूर्व माध्यमिक विद्यालय पैतीखेड़ा
विद्यालय के नौ कमरों में आठ जर्जर हो चुके हैं। बारिश होने पर छत्त से प्लास्टर गिरने लगता है। बच्चों की अधिकतर कक्षा बाहर पेड़ के नीचे लगती है। प्रधानाध्यापिका पूजा गुप्ता ने बताया कि अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई है लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है। कक्षा आठ की छात्रा रोशनी बताती है कि बारिश के समय विद्यालय की छतों पानी टपकता रहता। पढ़ाई करने में परेशानी होती है। कक्षा सात की छात्रा वर्षा बताती है कि कई बार छत का प्लास्टर पास आकर गिरा है। कक्षा में पढ़ते समय प्लास्टर गिरने का डर बना रहता है।
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