भोगांव। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सर्जीकल विभाग, हड्डी रोग विभाग, चर्म रोग विभाग, हृदय रोग विभाग में डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। जिसके चलते मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है।
कस्बा में फोरलेन के निकट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। यहां काफी संख्या में सड़क दुर्घटना वाले मरीज आते हैं फिर भी अस्पताल में न तो सर्जन हैं और न ही हड्डी रोग विशेषज्ञ। समय से उपचार नहीं मिलने से सड़क हादसों के शिकार मरीजों की जिला अस्पताल पहुंचने से पहले मौत भी हो जाती है। यहां प्रतिदिन सड़क हादसों में घायल दो से तीन मरीज आते हैं। कभी-कभी एक-एक मामले में में 12 से 15 तक मरीजों की संख्या हो जाती है।
एक्सरे मशीन नहीं
सीएचसी पर एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती तो है लेकिन एक्सरे मशीन नहीं है। ऐसे में बिना मशीन के टेक्नीशियन यहां क्या कर सकता है।
एंटी रेबीज उपलब्ध नहीं
एंटी रेबीज की उपलब्धता नहीं है। जिसके चलते कुत्ता और बंदर के काटने से यहां पहुंचने वाले लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है।
अस्पताल में दवा तो मिल जाती है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से परेशानी हो रही है।
प्रमोद यादव
- अस्पताल में एक्सरे मशीन नहीं है जबकि एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती चली आ रही है।
इमरान जावेद
- विश्ेाषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नही होने के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अंशू भदौरिया
-यदि किसी को फ्रेक्चर आदि होता है तो उसे रेफर होकर मैनपुरी या कहीं अन्य स्थान पर जाना पड़ता है।
टीटू मिश्रा
अस्पताल की समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। समस्याओं की जानकारी लिखित एवं मौखिक रूप से दी जा चुकी है।
डॉ. मोहित चतुर्वेदी, प्रभारी चिकित्साधिकारी