नए सत्र में किताब-कापियां महंगी हो गई। 5 से 8 हजार रुपये तक कोर्स पर तय दुकान वसूल रहे हैं। ऐसे में डीएम ने अब छह टीमें बनाई हैं। जिनमें मजिस्ट्रेट तय दुकानों पर जाकर महंगी किताबों की सच्चाई परखेंगे। रिपोर्ट कार्रवाई के लिए शासन भेजी जाएगी।
शहर में आईसीएसई व सीबीएसई के 12 से अधिक स्कूलों की शिकायतें विभिन्न माध्यमों से प्रशासन और शासन तक पहुंची हैं। जिनमें अभिभावकों ने स्कूल व किताब विक्रेताओं के बीच कमीशनखोरी की शिकायत दर्ज कराई। शिक्षा विभाग की जांच में पुष्टि के बाद अब डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने महंगी किताबों की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है।
कमेटी में शामिल मजिस्ट्रेट अभिभावक बनकर दुकानों पर जाएंगे। किताब-कापियों की जांच करेंगे। रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन भेजी जाएगी। जिसके बाद किताब-कॉपियों के सेट का कक्षा वार मूल्य तय हो सकता है।