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जर्जर हो गए गरीबों के घरौंदे

Mon, 17 Apr 2017 12:27 AM IST
जर्जर हो गए गरीबों के घरौंदे
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जर्जर हो गए गरीबों के घरौंदे - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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निजाम बदलते हैं तो योजनाएं भी धड़ाम हो जाती हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है बेसिक सर्विस आफ अरबन पूअर (बीएसयूपी) योजना के आवासों के साथ। पिछले करीब पांच वर्ष से आवासों का काम ठप है। करीब 3640 आवास धराशायी होने के कगार पर पहुंच गए हैं। कांशीराम योजना का हाल यह है कि डूडा के अधिकारियों को आवंटन की प्रक्रिया की भी जानकारी नहीं है।
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गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासनकाल में यमुनापार के नराइच इलाके में बीएसयूपी योजना के तहत 3640 आवासों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। करीब 127 करोड़ रुपये लागत की इस योजना को विकास प्राधिकरण को 2010 में पूरा करना था लेकिन जमीन के कब्जे का विवाद खड़ा होने के कारण 2012 में तो निर्माण कार्य शुरू हो सका। उसके बाद तेजी से काम हुआ तीन ब्लाक बनकर खड़े हो गए। निर्माण कार्य आखिरी चरण में था, इसी बीच सरकार बदल गई और योजना ठंडे बस्ते में चली गई। पिछले करीब पांच वर्ष से वहां एक ईंट भी नहीं लगी है। अधूरे मकानों में दरारें आने लगी हैं।
कुछ ऐसा ही हाल मान्यवर कांशीराम आवासीय योजना का है। पहले चरण में बने आवासों का तो आवंटन हो गया था लेकिन दूसरे चरण में पथौली करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से बने मकानों 250 आवासों का आवंटन तक नहीं हो पाया है। इसकी वजह से मकान खंडहर हो रहे हैं। आसपास के लोग वहां जंगले, चौखट आदि खोलकर ले जा रहे हैं। यही हाल अछनेरा में बने करीब 282 आवासों का है। वहां करीब 196 आवासों का आवंटन हो गया है। शेष 88 खाली पड़े हैं। जिन 196 आवासों का आवंटन हुआ है उनमें भी महज 96 परिवार रह रहे हैं शेष 100 आवासों में ताला पड़ा है।
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दीवारों में आने लगी है दरार
नराइच में बीएसयूपी योजना के तहत मकानों को वहां पानी खोखला का रहा है। पानी बेहद खारी है, टीडीएस की मात्रा करीब 18000 है। छिड़काव करते ही दीवारों पर नमक आ जाता है और ईंटें भी नमक लगने की वजह से कमजोर हो रही हैं। कुछ ब्लाक में तो बरसात के दिनों में पानी भरने की वजह से दरारें भी गई हैं। छतें टपकने लगी हैं। जिन दिनों इनका निर्माण कार्य चल रहा था तब एक ठेकेदार को प्लास्टर के लिए आरओ प्लांट लगाना पड़ा था। ठेकेदारों का कहना है कि उनके भुगतान भी अटक गए हैं।  

अपात्रों को हुआ आवासों का आवंटन
कांशीराम आवास योजना के तहत हुए आवंटन पर पहले भी अंगुलियां उठती रहीं हैं। अछनेरा में करीब 100 आवास हैं। आवंटित होने के बाद से उन पर ताला लगा हुआ है। इससे साफ जाहिर है कि वे आवास ऐसे लोगों को आवंटित हुए हैं जिन्हें इनकी जरूरत नहीं थी। कालिंदी विहार की कांशीराम योजना में तमाम लोग आवासों को किराए पर उठाकर चले गए हैं। उधर पथौली आवासीय योजना में भवन के लिए आवेदन करने वाले पृथ्वीनाथ फाटक निवासी राजवीर का कहना है कि एक बार डूडा से एक लेटर आया था उसके बाद से लगातार चक्कर काट रहे हैं।

बीएसयूपी योजना के 3640 आवासों को अंतिम रूप देने के लिए दोबारा से टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अभी करीब इस पर 40 करोड़ रुपये का खर्च होगा। सरकार की प्राथमिकता को देखते हुए आवासों को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
शिवराज सिंह, मुख्य अभियंता विकास प्राधिकरण

पथौली के कांशीराम योजना के आवासों का आवंटन हुआ है कि इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। योजना की फाइल निकलवा कर देखी जाएगी उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, यदि आवंटन नहीं हुआ तो पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द आवंटन किया जाएगा।’’
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संजय पथरिया, पीओ डूडा

  
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