ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के आरसीआई विद्या विहार हॉस्टल में सिर में गोली लगने से पीजीडीएम के छात्र दीपक कुमार (22) की मौत हो गई, जबकि न्यू आगरा निवासी उसका दोस्त देवांश चौहान (22) सिर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल है। उसका नॉलेज पार्क-1 स्थित कैलाश अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर आगरा से परिजन रवाना हो गए।
हाॅस्टल में गोली लगने के मामले में पुलिस जांच कर रही है। यह नहीं पता चला है कि गोली किसने मारी थी। एक छात्र की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर हैं। घायल छात्र देवांश के परिजन न्यू आगरा स्थित कृपाल काॅलोनी में रहते हैं। जानकारी मिलने पर वो अस्पताल के लिए रवाना हो गए। पिता सुरेंद्र चाैहान डिप्टी एसपी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने काॅलोनी में दावत भी दी थी। इसमें बेटा भी शामिल हुआ था। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हो गए।
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पुलिस ने लाइसेंसी रिवॉल्वर, चार कारतूस, कारतूस के दो खोखे, दोनों छात्रों के मोबाइल, लैपटॉप व अन्य सामान बरामद किया है। फोन और लैपटॉप में लॉक लगा है। फॉरेंसिक टीम ने भी हॉस्टल के कमरे का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। घटनास्थल को पुलिस ने सील कर दिया है। मृतक के परिजनों को सूचना दी गई है। परिजनों के आने के बाद पंचायतनामा भरा जाएगा। घटना के बाद हॉस्टल और कॉलेज प्रशासन मीडिया के सवालों से बचते रहे। हॉस्टल में रहने वाले छात्र भी डरे दिखाई दिए। उन्होंने किसी भी प्रकार के सवालों के जवाब देने से मना कर दिया।
एडीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला बंद कमरे में आपसी विवाद में गोली मारने और आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। आशंका है कि पहले इनमें से किसी ने साथी को गोली मारी और फिर खुद को भी सिर में गोली मार ली। अभी यह पता नहीं चल सका है कि गोली चलाने वाला कौन था और विवाद की वजह क्या थी। मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं है।
देवांश ने रात 1 बजे की थी पिता से बात
पिता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार से रविवार तक अवकाश पर होने से देवांश आगरा स्थित घर आया था। देवांश घर पर अकेला था। सोमवार रात करीब एक बजे उससे मोबाइल पर बात हुई थी। उसने किसी प्रोजेक्ट के पूरा करने के लिए सुबह पांच बजे घर से निकलने की बात कही थी। उन्होंने समझाया था कि भविष्य को लेकर ज्यादा चिंता न करे। अगर किसी विषय में फेल भी हो जाता है तो दोबारा प्रयास कर सकता है।
सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा भी दे रहे थे
पुलिस का कहना है कि दोनों छात्र सरकारी नौकरी की परीक्षा में शामिल होते थे। दोनों इस बात की भी चर्चा करते थे कि अन्य दोस्त बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरी करने के साथ वरिष्ठ सरकारी पदों पर तैनात हैं। एसीपी विवेक रंजन का कहना है कि मानसिक तनाव के एंगल से भी जांच की जा रही है। अब तक यह नहीं साफ हो सका है कि पहले गोली किसने चलाई थी।
दीपक के कमरे में हुई घटना
पांच मंजिला हॉस्टल में देवांश का कमरा और दीपक का कमरा एक ही तल पर हैं। दोनों का एक-दूसरे के कमरे में आना-जाना था। देवांश घर से हॉस्टल पहुंचने के कुछ देर बाद ही दीपक के कमरे में पहुंच गया था। इसके बाद घटना हुई।
हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई
हास्टल प्रबंधन की भी लापरवाही सामने आई है। रिवॉल्वर से दो गोलियां चलीं और सुरक्षाकर्मियों, वार्डन और अन्य कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगी। दोनों छात्रों की कक्षा 10 बजे शुरू हो जाती है लेकिन दोनों कॉलेज भी नहीं गए थे।