पीड़िता के बेटे ने लगाए ये आरोप
पीड़ित महिला के पुत्र अनिल कुमार ने बताया कि पहले तो कोविड अस्पताल में शुक्रवार को ही मेरी माता जी को हालत खराब होने के बाद भी भर्ती नहीं किया जा रहा था। भर्ती करने के बाद शनिवार सुबह उन्हें रेफर कर दिया गया। करीब एक घंटे तक वह व्हीलचेयर पर ही बाहर रहीं। अस्पताल प्रशासन मेरी बात नहीं सुनी। जिलाधिकारी भी अंदर थे, उनसे भी नहीं मिलने दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एके पांडेय ने कहा कि महिला को गंभीर हालत में रेफर किया गया था। एंबुलेंस आने पर ही बाहर निकाले जाने की बात कही गई थी लेकिन परिजन अपनी मर्जी से ही महिला को बाहर ले गए।