कासगंज। त्योहार की छुट्टियों के बाद शुक्रवार को जिला अस्पताल खुला तो सुबह से ही मरीजों की भीड़ एकत्रित हो गई। पर्चा काउंटर पर 8 बजे से पहले ही मरीजों की भीड़ नजर आई। ओपीडी कक्ष के बाहर भी मरीजों की कतारें लगी रहीं। चिकित्सकों के बैठते ही मरीजों में अपना नंबर आगे लाने की होड़ लगी रही।
1628 से अधिक मरीज शुक्रवार को ओपीडी में पहुंचे। ज्यादातर मरीज बुखार, सर्दी, जुकाम, श्वांस रोग के थे। बुखार के सबसे ज्यादा 338 और श्वांस रोग के 332 मरीज पहुंचे। 74 मरीज डायरिया के पहुंचे। त्योहार पर अनियमित खानपान की वजह से तमाम लोग डायरिया के शिकार हुए। वहीं हवा में प्रदूषण होने के कारण श्वांस रोगियों की मुश्किलें बढ़ीं।
इससे श्वांस मरीजों का ग्राफ शुक्रवार को बढ़ा नजर आया। श्वांस के मरीजों को ऑक्सीजन दी गई। वहीं बुखार के मरीजों का ब्लड टेस्ट कराया गया। इससे पैथोलॉजी काउंटर पर भी मरीजों की काफी भीड़ नजर आई। ब्लड रिपोर्ट के लिए रोगियों को और उनके तीमारदारों को इंतजार करना पड़ा।
डेंगू का एक और टाइफाइड के तीन मरीज मिले
कासगंज। जिला अस्पताल में बुखार पीड़ितों की डेंगू जांच कराई गई। 56 बुखार पीड़ितों का डेंगू टेस्ट हुआ। इसमें एक मरीज डेंगू पीड़ित पाया गया। इसी तरह से 127 मरीजों की टाइफाइड जांच हुई, जिनमें 3 मरीज टाइफाइड ग्रसित पाए गए। चिकित्सकों ने डेंगू व टाइफाइड ग्रसितों को उपचार दिया।
268 पुराने मरीज फालोअप के लिए पहुंचे
कासगंज। जिला अस्पताल में कई दिन के बाद अस्पताल खुलने पर फालोअप के लिए परेशान 268 मरीज चिकित्सकों के पास पहुंचे। इन मरीजों का भी चिकित्सकों ने उपचार किया और दवाएं दीं।
वर्जन-
- अवकाश के बाद शुक्रवार को जिला अस्पताल खुलने पर मरीजों की संख्या अधिक रही, लेकिन पहले से ही मरीजों के अधिक संख्या में पहुंचने की संभावना देखते हुए व्यवस्थाएं की गईं।- डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस।