मैनपुरी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों की कमी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा। हालात तो यह हालात तो ये हो गई है कि पोस्टमार्टम के लिए भी डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। सीएमएस ने उच्चाधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखकर जानकारी दी है।
कोरोना महामारी से जूझ रहे जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवा बाधित होने की स्थिति बन रही है। पिछले चार दिनों से अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्थाओं को संचालित करने में प्रभारी सीएमएस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में सृजित 27 पद के सापेक्ष मात्र 09 डॉक्टरों की तैनाती है। इनमें से भी एक डॉक्टर कोरोना संक्रमित होने के कारण होम आइसोलेट है तो सीएमएस अन्य बीमारी के चलते अवकाश पर हैं।
मात्र सात डॉक्टरों पर जिला अस्पताल की सारी व्यवस्थाओं के साथ कोरोना संक्रमण के सैंपल निकलवाने और भर्ती मरीजों की देखभाल करने की जिम्मेदारी है। पूर्व में इमरजेंसी सेवाओं के लिए सीएमओ से डॉक्टर मिल जाता था लेकिन इस महीने में चार दिन बीत जाने के बाद भी सीएमओ ने डॉक्टरों की तैनाती इमरजेंसी सेवाओं के लिए नहीं की है, जिसके चलते इमरजेंसी सेवा कभी भी बंद होने की संभावना बढ़ गई है। प्रभारी सीएमएस ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को जानकारी दी है।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती एक नजर में
पदनाम सृजित पद कार्यरत रिक्त
सीएमएस- 01 01 बीमार -
रेडियोलॉजिस्ट 01 00 01
ह़दयरोग विशेषज्ञ 01 00 01
फिजीशियन 02 01 01
ईएनटी सर्जन 01 00 01
बालरोग विशेषज्ञ 02 00 02
पेथोलॉजिस्ट 02 00 02
हड्डी रोग विशेषज्ञ 02 01 01
नेत्र रोग विशेषज्ञ 02 00 02
निश्चेतक 02 01 01
सर्जन 02 01 01
एसएमओ 01 00 01
ईएमओ 04 01 03
चेस्ट फिजीशियन 01 01 00
चर्मरोग विशेषज्ञ 01 01 00
दंत रोग विशेषज्ञ 02 01 01
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उपचार के लिए भटक रहे मरीज
केस नंबर- एक
दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव दलकिया निवासी बलवंत सोमवार को गांव में झगड़े में घायल हो गया था। उसके सिर के साथ ही हाथ में फ्रेक्चर था। हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने के कारण उसे जिला अस्पताल से सैफई जाने की सलाह दी गई।
केस नंबर- दो
औंछा थाना क्षेत्र के गांव विलासपुर निवासी सतीश चंद्र जिला अस्पताल में दुर्घटना में घायल होकर पहुंचे थे। उसे भी हड्डी रोग विशेषज्ञ के उपचार और सलाह की आवश्यकता थी। इमरजेंसी से प्राथमिक उपचार के बाद उसे सैफई रेफर कर दिया गया।
केस नंबर- तीन
घिरोर थाना क्षेत्र के गांव नगला गुढ़ी निवासी मुन्नी देवी झगड़े में घायल हो गई थीं। उनके हाथ में फ्रेक्चर है। जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने के कारण उन्हें अस्पताल से लौटा दिया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों की बड़ी संख्या में कमी चल रही है। कभी भी इमरजेंसी सेवा भी बाधित हो सकती है। उच्चाधिकारियों को लगातार जानकारी दी जा रही है।
डॉ. आरके सिंह प्रभारी सीएमएस
जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा की समस्या का शीघ्र ही समाधान किया जाएगा। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. एके पांडेय सीएमओ