बैलों के मेले की उल्टी गिनती के साथ ही दूसरे चरण में लगने वाला घोड़ों का मेला भी आबाद होने लगा है। नौ नवंबर को बटेश्वर मेले में हार्स शो का आयोजन होगा। इसी दिन मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा किया जाना है लेकिन अभी कार्यक्रम फाइनल नहीं हुआ है।
पहले चरण का बैलों का मेला समापन की ओर बढ़ चला है। बैलों के मेले में जिला पंचायत ने बिजली पानी, सफाई, सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। अब दूसरे चरण में लगने वाले घोड़ों के मेले के लिए घोड़ों की आमद शुरू हो गई है। बता दें कि नौ नवंबर को हार्स शो के साथ मेले का शुभारंभ होगा। उद्घाटन के लिए बुधवार तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कार्यक्रम फाइनल नहीं हो सका। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सुरेश चन्द्र यादव ने बताया कि हार्स शो होगा। अभी मुख्यमंत्री का कार्यक्रम फाइनल नहीं हुआ है। मेले में बिजली की लाइन खींची जा रही है। साफ सफाई की जा रही है। पीने के पानी का इंतजाम करने को जलनिगम को निर्देश दिये गये हैं। मेले में अब तक सुरक्षा की व्यवस्था न होने से व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
रात में बनी सड़क सुबह उखड़ी
बाह। जरार और हिंगोटखेड़ा गांव के बीच 22 साल से जर्जर पड़ी सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। मंगलवार रात इस पर राजाराम पुरा गांव में डामरीकरण किया गया। बुधवार सुबह सड़क की गिट्टी उखड़ने लगी। सड़क निर्माण में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर डीएम को शिकायती पत्र भेजा और सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराकर निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में भारत सिंह, सर्वेश सिंह, राजवीर, साहब सिंह, कन्हईराम, मेघ सिंह, कालीचरन, रामदत्त, नाथूराम, राजकुमारी, रनवीर, विनोद आदि शामिल रहे।