हार्मोंस-थायरॉइड की जांच करने वाली मशीन
- फोटो : अमर उजाला
शासन की ओर से एसएन मेडिकल कॉलेज को दी गई हार्मोंस-थायरॉइड की जांच करने वाली मशीन कमरे में बंद पड़ी है। मशीन लगे 40 दिन बीत गए हैं, लेकिन मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। जबकि महंगी जांच को रियायती दर पर करने के लिए इसका वर्चुअल उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री ने 23 नवंबर को किया था।
एसएन मेडिकल कॉलेज की आठ मंजिला इमारत में पैथोलॉजी विभाग में केमिल्युमिनसेंस मशीन लगाई गई है। इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये है। इसे शासन की ओर से कॉलेज में मरीजों की सुविधा के लिए निशुल्क दिया गया था। इस मशीन से थायरॉइड, हॉर्मोंस, प्रजनन संबंधी हार्मोंस, विटामिन डी, विटामिन बी-12, प्रोस्टेट हेतु पीएसए, आंत कैंसर, अंडाशय के कैंसर की जांच हो सकती है।
एक्सक्लूसिव: हर 72 घंटे में एक आईडी हैक कर रहे साइबर अपराधी, कभी फेसबुक तो कभी व्हाट्सएप से मांगी रकम
निजी अस्पतालों में इन बीमारियों की जांच 800 रुपये से तीन हजार रुपये तक में होती है। अभी तक इन बीमारियों की एसएन में जांच की सुविधा नहीं है। इस मशीन से कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज की भी सटीक जांच की जा सकती है।
महीने में 800 से अधिक मरीजों को लिखी जाती हैं ये जांचें
एसएन में महीने में आंत-अंडाशय, हार्मोंस और थायरॉइड समेत अन्य की जांच की जरूरत करीब 800 मरीजों को पड़ती है। चिकित्सकों के लिखने के बाद भी प्राइवेट में महंगी जांच के कारण बहुत से गरीब इनकी जांच कराने में असमर्थ रहते हैं। यहां बीपीएल कार्डधारक, जननी सुरक्षा योजना, एचआईबी मरीज के लिए इन जांचों की निशुल्क सुविधा रहेगी।
रसायन आ गए हैं, शुल्क तय कर अगले सप्ताह करा देंगे शुरू: प्राचार्य
एसएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि मशीन की जांच के लिए आवश्यक रसायन की खरीद के ऑर्डर किए थे, लेकिन उपलब्ध देर से हो पाए। रसायन आ गए हैं। मरीजों के लिए शुल्क तय किया जाना है। अगले सप्ताह से जांच शुरू करा दी जाएगी।