आगरा की कमलानगर पुलिस ने लोगों को मिस्ड काल करने के बाद दोस्ती कर अश्लील वीडियो बना ब्लैकमेल करने वाले सेक्सटार्शन गैंग का खुलासा किया है। एक युवती और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक पेन ड्राइव और मोबाइल फोन मिला है। ऑनलाइन गेम में रकम हार जाने के बाद युवती लाेगों से वसूली करने वाले गैंग में शमिल हुई थी। आरोपियों के साथ गैंग में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य और कानपुर में तैनात सिपाही व एक अन्य भी शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि दस दिन पहले उनके पास एक युवती अपने साथ होटल में दुष्कर्म का आरोप लगाकर शिकायत करने आई थी। मामले की जांच कमलानगर थानाध्यक्ष को दी गई थी। जांच के दौरान पुलिस को युवती के मोबाइल में कुछ आपत्तिजनक वीडियो मिले। वीडियो खुद युवती के बनाए गए प्रतीत हो रहे थे। इसी दौरान एक पीड़ित भी कमलानगर पुलिस के पास पहुंचा। पीड़ित ने बताया कि युवती ने पहले मिस्ड काल की और फिर दोस्ती कर ली।
कमलानगर क्षेत्र में मुलाकात के दौरान एक होटल में खाना खाने गए, वहां युवती ने कोल्डड्रिंक मंगाई। कोल्डड्रिक पीते ही वह बेहोश हो गए। कुछ दिन बाद बाह के प्रवेश भारद्वाज का काल आया। वीडियो वायरल करने और दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। समझौता करने के लिए रुपयों की मांग की गई। पुलिस ने उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की। महिला और उसके साथी बाह के चमरौआ निवासी गणेश को गिरफ्तार किया गया। साजिश में शामिल बाह के प्रवेश भारद्वाज, प्रवेंद्र और कानपुर में तैनात सिपाही रियाज की पुलिस तलाश कर रही है।
दो लोगों से वसूल चुके थे 16 लाख
पुलिस को युवती के पास मिली पेनड्राइव में शिकायतकर्ता, बाह क्षेत्र के एक नेता और फतेहाबाद के एक व्यक्ति की अश्लील वीडियो मिली है। पूछताछ में युवती ने बताया कि उसने मोबाइल में थर्ड आई नामक एप इंस्टाल कर रखी थी। इसमें हिडन कैमरा मोबाइल लॅाक होने के बाद भी रिकार्डिंग करता रहता है। प्रवेश भारद्वाज और उसका साथी रियाज जो भी मोबाइल नंबर देते थे, वह उन नंबरों पर काल कर दोस्ती करती थी। इसके बाद संबंध बनाने के दौरान उनकी अश्लील वीडियो बना लेती थी। एक से चार और दूसरे से 12 लाख रुपये वसूले जा चुके थे।
ऑनलाइन गेम में रकम हारने के बाद शुरू की ब्लैकमेलिंग
पूछताछ में आरोपी युवती मैनपुरी निवासी काजल ने बताया कि वह लंबे समय से बाह में मामा के घर रह रही थी। इस दौरान उसकी मुलाकात प्रवेंद्र से हुई थी। उस समय वह ऑनलाइन गेम खेलकर मोटी रकम हार चुकी थी। प्रवेंद्र के माध्यम से प्रवेश से मुलाकात हुई। उसने और रियाज ने लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने के लिए कहा। उनके बताए लोगों को अपने जाल में फंसा कर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
पहले भी विवादित रहा है सिपाही
फरार आरोपी कानपुर में तैनात सिपाही रियाज पहले आगरा में तैनात रह चुका है। एसओजी में रहकर वसूली, पत्नी से विवाद समेत कई मामलों में वह चर्चा में रहा था। गाड़ी में कार्बाइन रखने और अपराधियों से साठगांठ रखने पर उसके खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी।
खुद अपने जाल में फंसे आरोपी
ब्लैकमेलिंग में सफल नहीं होने पर गैंग ने दबाव बनाने के लिए युवती को डीसीपी सिटी के पास भेजा। जांच में मोबाइल में मिले अश्लील वीडियो से वह जांच के घेरे में आ गई। इसी दौरान पीड़ित भी सामने आ गया और गैंग पुलिस की पकड़ में आ गया।