होम्योपैथी कार्यक्रम में उपस्थित लोग
आगरा। दुनिया में होम्योपैथी का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि विदेशों से बड़ी संख्या में चिकित्सक होम्योपैथिक के गुर सीखने के लिए आगरा आ रहे हैं। इसके लगातार अनुसंधान चल रहे हैं, यह विधि पूरी तरह विज्ञान पर आधारित है। ये बातें सुप्रीम कोर्ट के जज जेके माहेश्वरी ने कही।
वह बाग फरजाना स्थित होम्योपैथिक रिसर्च सेंटर में चल रही प्रशिक्षण कार्यशाला में शुक्रवार को विदेशी चिकित्सकों के प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि विदेशी चिकित्सक अपने सामने मरीजों पर दवाओं का प्रभाव देख रहे हैं। उससे वह प्रेरित हो रहे हैं। महात्मा गांधी भी इसे सरल और सुगम उपचार पद्धति बताते थे। डॉ. आरएस पारीक ने विदेशों में जाकर होम्योपैथी को आगे बढ़ाया, उसके प्रति विदेशी चिकित्सकों में रुचि जगाई। इसी वजह से वर्ष 2024 में डॉ. आरएस पारीक को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने पद्मश्री सम्मान प्रदान किया था।
डॉ. नीतिका पारीक ने बताया कि लेपटॉप और मोबाइल शिक्षा का एक प्रमुख उपकरण बन गए है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को दूर नहीं रख पा रहे हैं। इससे बच्चों की हाइपर एक्टिविटी बढ़ गई है। वह जिद्दी और गुस्सैल होते जा रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है।
कार्यक्रम में डॉ़ आरएस पारीक ने होम्योपैथी दवाओं और उसके प्रयोग की जानकारी दी। संचालन डॉ. आलोक पारीक ने किया। डॉ. आदित्य पारीक, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मृत्युंजय श्रीवास्तव, पूरन डावर, डर्वी सरीन, डाॅ़ अदिति पारीक, गोपाल गुप्ता, रवि आरोरा, प्रवीण गुलाटी भी मौजूद रहे।