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Agra News: एआई से खुल सकते हैं पांच हत्याओं के राज

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आगरा। थाना खंदाैली क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर कंबल में लिपटे मिले शव की शिनाख्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से महोबा की सोनाली के रूप में हो गई। आरोपी सनी सहित तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया। यह पहली घटना नहीं थी, जब किसी युवती का शव हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर फेंका गया। वर्ष 2020 से 2022 तक 17 महीनों में एक महिला और चार युवतियों की हत्या कर शव फेंके गए थे, जो अब तक राज बने हुए हैं। पुलिस उनकी शिनाख्त ही नहीं करा सकी। हालांकि, अब धुंधली तस्वीरों की एआई की मदद से फोटो बनाकर पहचान के प्रयास किए जाएंगे।
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डीसीपी सिटी का कहना है कि प्रयास रहेगा कि एआई की मदद से हत्याओं का राज खुल सके। पुलिस इनमें फाइनल रिपोर्ट भी लगा चुकी है। सवाल एक ही बना हुआ आखिर मरने वाली महिला और युवतियां काैन थीं? थाना सिकंदरा, खंदाैली और एत्मादपुर में हाईवे और यमुना एक्सप्रेस-वे पड़ते हैं। इन दोनों मार्ग पर ही सुरक्षा के इंतजाम न के बराबर हैं। रात में पुलिस की गश्त नहीं रहती है। इसका फायदा अपराधी उठाते हैं।

इन जगहों पर मिले थे शव



- 14 दिसंबर 2020 को सिकंदरा क्षेत्र में गांव बाबरपुर के पास हाईवे पर सड़क किनारे करीब 60 वर्षीय महिला का शव मिला था। उसके सिर में चोट का निशान था।

- 6 फरवरी 2021 को यमुना एक्सप्रेस-वे पर खंदौली क्षेत्र में टोल प्लाजा के पास करीब 25 वर्षीय युवती का शव मिला था। हत्या कर शव को जलाने की कोशिश भी की गई थी।
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- 27 मई 2021 को सिकंदरा क्षेत्र में अंसल कोर्ट यार्ड के पास जंगल में करीब 25 वर्षीय युवती का शव मिला था। हत्या के बाद शव को जलाने की कोशिश की गई थी। शव राजस्थान से लाकर फेंके जाने की आशंका थी।

- एत्मादपुर में ही 4 जून 2021 को यमुना एक्सप्रेस-वे पर झरना नाले के पुल के नीचे युवती का शव मिला था। हाथ बंधे हुए थे। शव बेडशीट में लिपटा हुआ था।

- 5 अप्रैल 2022 को एत्मादपुर में बरहन मार्ग पर गांव संवाई से एक किलोमीटर दूर बोरे में बंद युवती का शव मिला था। हत्या के बाद शव को रजाई और चटाई में बंद कर बोरे में फेंका गया था।



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पहचान के लिए एआई की लेंगे मदद

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि वर्तमान में पुलिस इस तरह के मामलों में एआई की मदद ले रही है। मृतकों के फोटो को साफ करने के बाद पहचान कराई जाती है। अनसुलझे मामलों में संबंधित थानों से जानकारी ली जाएगी। सभी मृतका के फोटो एआई की मदद से बनवाकर पहचान के प्रयास होंगे। यह भी देखा जाएगा कि विवेचकों ने पहचान के लिए क्या प्रयास किए? कहां-कहां गए?। अज्ञात शव मिलने पर डिस्ट्रिक्ट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (डीसीआरबी) और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) से भी फोटो का मिलान कराया जाता है। पहचान नहीं होने पर पोस्टर चस्पा कराए जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी फोटो शेयर किए जाते हैं।
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