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UP: 'इंजीनियर का कहना है घर दोबारा बनेंगे...', मेट्रो के काम से हुआ नुकसान, लोगों ने डीएम को बताई समस्या

Wed, 21 May 2025 04:31 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा में मेट्रो के काम से कई घरों को नुकसान पहुंचा। मोती कटरा में भूमिगत मेट्रो ट्रैक के लिए सुरंग खुदाई कार्य से कई लोग बेघर हो गए। पीड़ितों ने जिलाधिकारी की अपनी समस्या बताई।
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जिलाधिकारी को समस्या बताते स्थानीय लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जेठ की तपती दोपहर। समय 12 बजकर 50 मिनट। कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कक्ष लोगों से खचाखच भरा है। तभी मेट्रो परियोजना निदेशक के साथ मोती कटरा के सात-आठ लोग कक्ष में प्रवेश करते हैं। पूछने पर बताया कि जिलाधिकारी ने बुलाया है।
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कक्ष के अंदर जिलाधिकारी अपने निजी चैंबर में सांसद से बात कर रहे थे। करीब 10 मिनट बाद फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर और जिलाधिकारी चैंबर से बाहर आते है। इसके बाद मेट्रो परियोजना निदेशक से जिलाधिकारी पूछते हैं क्यों आए हैं। उन्होंने बताया कि आपने बैठक बुलाई थी और एक सूची सामने रख देते है। 

इस सूची में मोती कटरा में क्षतिग्रस्त मकान मालिकों के नाम हैं। जिलाधिकारी एक-एक नाम पढ़ते हैं और लोग सामने उठकर आते हैं। लोगों ने बताया कि घरों की मरम्मत हो गई हैं और संतुष्ट हैं। तभी सफेद शर्ट, काली टाई और काली पेंट पहने तीन लोग खड़े हो जाते हैं। पीड़ित प्रेमचंद गुप्ता कहते हैं, ये गवर्नमेंट एप्रूव्ड इंजीनियर की रिपोर्ट है, जिसमें साफ लिखा है कि हमारे मकान की मरम्मत नहीं हो सकती। इसे तोड़कर दोबारा बनना पड़ेगा। जबकि मेट्रो अधिकारी सिर्फ मरम्मत कराने की कह रहे हैं। बेघर हैं और मुआवजा तक नहीं मिला।
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60 घरों की कराई मरम्मत
जो लोग पूरी बिल्डिंग ध्वस्त कर दोबारा बनाने की कह रहे हैं उनके मकान 83 साल पुराना है। मरम्मत कराई जा सकती है। 60 घरों की मरम्मत करा चुके हैं। करीब 2 करोड़ रुपये का खर्चा आया है। - अरविंद राय, परियोजना अधिकारी, यूपीएमआरसीएल

एमडी से करो बात
मेट्रो के एमडी से बात करने को कहा है। मकान बन सकता है तो बनाया जाए। इसके अलावा सभी लोग संतुष्ट हैं। उनके घरों की मरम्मत कराई जा चुकी है। किसी का नुकसान नहीं होगा। - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, जिलाधिकारी
 
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