विरोध के कारण रामसरन बैलगाड़ी छोड़कर घर चला गया। शुक्रवार सुबह तकरीबन छह बजे वो परिवार के अन्य लोगों के साथ बैलगाड़ी लेने चकरोड पर पहुंचा। वहां पहले से ही ओमपाल उसका पुत्र सनोज साथियों के साथ असलहा लेकर खड़े हुए थे। यहां चकरोड से बैलगाड़ी निकालने को लेकर दोनों में विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि ओमपाल ने लाइसेंसी रायफल से फायरिंग शुरू कर दी। उसके साथियों ने अवैध असलाहों से गोलियां चलाईं। करीब 15 राउंड फायर हुए। घटना में सत्यवीर (45) पुत्र यादराम, राजीव (22) पुत्र रमेश चंद्र, रामसरन (43) पुत्र लालमन और जसवीर (42) पुत्र यादराम गोली लगने से घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने होमगार्ड और उसके पुत्र की पिटाई कर दी। उनके भी चोटें आईं।
घटना की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया गया। जहां से सत्यवीर, राजीव, रामसरन को अलीगढ़ रेफर किया गया है। पुलिस अधीक्षक सुशील घुले, अपर पुलिस अधीक्षक आदित्य वर्मा, क्षेत्राधिकारी पटियाली गवेंद्र गौतम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना में चार लोग घायल हैं। जिनमें तीन को अलीगढ़ रेफर किया है। होमगार्ड की लाइसेंसी रायलफल जब्त कर ली है। उसके खिलाफ होमगार्ड विभाग को पत्र लिखकर बर्खास्तगी की सिफारिश की गई है। सात लोग हिरासत में ले लिए गए हैं। होमगार्ड एवं उसके पुत्र के भी चोटें हैं। पुलिस अभिरक्षा में दोनों का उपचार कराया जा रहा है।