थाना सदर में की थी शिकायत, नहीं दर्ज हुआ मुकदमा
भाई फूल सिंह ने बताया कि विजय सिंह के दो बेटे प्रवीन और भूपेंद्र चाहर हैं। दोनों पुलिस और सेना भर्ती की तैयारी में लगे हैं। एक वर्ष पहले नवल सिंह के माध्यम से बुलंदशहर के देवराऊ निवासी प्रताप सिंह राघव से विजय सिंह की मुलाकात हुई। आरोप है कि प्रताप सिंह ने विजय सिंह को झांसे में ले लिया। उनसे दोनों बेटों की नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। दस लाख रुपये की मांग की। इस पर विजय सिंह ने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर रकम का इंतजाम किया। मार्च 2021 में दस लाख रुपये दे दिए। मगर, नौकरी नहीं लगी। इस पर विजय सिंह ने प्रताप और नवल सिंह से रकम लौटाने की कहा। मगर, दोनों टालमटोल करते रहे। विजय सिंह ने काफी प्रयास किया, लेकिन उन्होंने रकम नहीं लौटाई। आठ अप्रैल को विजय ने प्रताप सिंह और नवल सिंह के खिलाफ थाना सदर में शिकायत की, लेकिन मुकदमा दर्ज में हुआ। जांच की जा रही थी।
घर आकर धमकाया
भाई फूल सिंह और बेटों ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने पर आरोपियों ने धमकी देना शुरू कर दिया। 15 अप्रैल को घर आकर धमकी दी। इससे विजय दहशत में आ गए। रिश्तेदार भी उधारी में दी रकम का तगादा कर रहे थे। तनाव में आकर उन्होंने खुदकुशी कर ली।