किले के पास बुधवार शाम करीब 7:30 बजे अचानक सनसनी फैल गई। ऐसा वहां तक एक टैक्सी में आई युवती के ‘बचाओ-बचाओ’ की गुहार से हुआ। भीड़ जुट गई। उसको दिल्ली से ले आने वाली महिला और उसके साथी युवक को पकड़ लिया। धुनाई कर उन्हें पुलिस को सौंप दिया। टैक्सी चालक भाग निकला। युवती अपने अपहरण तो महिला-युवक उसके मर्जी से साथ आने का दावा कर रहे हैं।
दिलशाद गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास रहने वाली 19 वर्षीय मंजू (बदला नाम) दिल्ली पुरुष के पूर्व दरोगा की बेटी है। उसने पुलिस को बताया कि वह बुधवार शाम पांच बजे सहेली के घर से लौट रही थी। तभी उसे स्विफ्ट डिजायर टैक्सी सवार इसी महिला और युवक ने जबरन भीतर खींच लिया। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दे चुप करा दिया। रास्ते में भी धमकाते रहे। आगरा किला के पास वे दोनोें टैक्सी से उतरकर आटो करने लगे। तभी उसने टैक्सी चालक से मदद मांगी और शोर मचाया। भीड़ ने महिला व उसके साथी को पकड़ लिया। छात्र नेता बृजेश शर्मा और मनोज भी वहीं मौजूद थे। उन्होंने एसपी सिटी को जानकारी दी तो सीओ सदर असीम चौधरी पुलिस बल के साथ पहुंचे।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम राजू और पिंकी निवासी नरीपुरा, शाहगंज बताया। पता चला कि दोनों देह व्यापार से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि मंजू का सौदा 20 हजार रुपये में साइमा नाम की महिला से हुआ था। 11 हजार एडवांस दे वे मंजू को उसकी मर्जी से यहां लाए। उधर, पुलिस ने मंजू के घरवालों से संपर्क किया तो पता चला उन्होंने दिल्ली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है। वे आगरा आ रहे हैं। सीओ सदर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला मानव तस्करी और देह व्यापार का लग रहा है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।