ताजमहल के पास ताजगंज में गंदगी देख पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी भड़क गईं। उन्होंने ताजगंज प्रोजेक्ट में बनाई गई नालियों की सफाई न होने, पाथवे पर कब्जा करने और बोलार्ड लाइटों को तोड़ने वाले लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जल्द ही ताजगंज प्रोजेक्ट को नगर निगम और एडीए को हैंडओवर करने को भी कहा है।
197 करोड़ रुपये के ताजगंज प्रोजेक्ट में गुणवत्ता को पर्यटन मंत्री ने क्लीन चिट दी लेकिन मेंटीनेंस पर सवाल उठाए। उन्होंने पूर्वी गेट पर गोल्फ कार्ट में बैठकर क्षेत्र देखा और नालियों में गंदगी पर नाराजगी जताई। पूर्वी गेट पर पाथवे को कब्जा करने, पार्किंग बना देने पर मंत्री ने कार्रवाई को कहा। सड़क से कोबल स्टोन निकलने और क्षेत्र की सफाई की व्यवस्था के निर्देश दिए।
बनेंगे म्यूजियम और ताज ओरिएंटेशन सेंटर
आगरा। फतेहाबाद रोड पर म्यूजियम और ताज ओरिएंटेशन सेंटर पर लटक रही तलवार पर्यटन मंत्री ने हटा ली है। पूर्व की अखिलेश सरकार के इन दोनों प्रोजेक्ट को कई बदलाव के साथ पूरा कराया जाएगा। हालांकि पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा ने म्यूजियम के निरीक्षण में नाराजगी जताई। आधा बजट रिलीज होने पर भी म्यूजियम में केवल नींव की खोदाई ही हो सकी है, वहीं म्यूजियम में क्या-क्या वस्तुएं रखी जाएंगी, यह भी स्पष्ट नहीं है। पहली बार प्री-फैब्रिकेटेड म्यूजियम बनाने का काम अनुभवहीन कंपनी को दिया गया है। प्रदेश सरकार कई बदलाव के साथ म्यूजियम बनवाएगी। पर्यटन मंत्री के बयान के बाद म्यूजियम का नाम भी बदलने के संकेत मिल रहे हैं। शिल्पग्राम में पुराने निर्माण को तोड़ने और ताज ओरिएंटेशन सेंटर बनाने को भी पर्यटन मंत्री ने मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही डिमोलेशन आर्डर हो जाएगा।
वीआईपी दौरे में नजर क्यों नहीं आते लपके?
पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा ने डीएम और एसएसपी से लपकों पर नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्हाेंने उनसे सवाल पूछा कि वीआईपी दौरे में लपके क्यों नजर नहीं आते। जब एक दिन पुलिस की सख्ती से अंकुश लग सकता है तो बाकी दिन क्यों नहीं। पर्यटन विभाग पर हर दिन सैलानियों से ठगी के ई-मेल पहुंच रहे हैं। यह रुकना चाहिए। केंद्रीय पर्यटन मंत्री डा. महेश शर्मा के साथ उनकी बैठक में भी लपकों का मुद्दा छाया रहा था।
आगरा, मथुरा समेत पांच शहर बनेंगे होलिस्टिक सिटी
आगरा। केंद्र सरकार की मदद से सूबे के पांच शहरों को होलिस्टिक सिटी बनाया जाएगा। धार्मिक पर्यटन वाले इन पांचों शहरों आगरा, मथुरा, अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर का कायाकल्प किया जाएगा। सीवर लाइन, पेयजल सप्लाई, बिजली के भूमिगत तारों समेत जन सुविधाओं पर होलिस्टिक सिटी में फोकस किया जाएगा। प्रदेश की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने ताजगंज प्रोजेक्ट के निरीक्षण के बाद यह जानकारी दी।
पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने बताया कि मथुरा में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के सुंदरीकरण के लिए प्रदेश सरकार 700 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है। धार्मिक पर्यटन वाले शहरों पर फोकस रहेगा। रामायण सर्किट और कृष्णा सर्किट के साथ बुद्धा सर्किट, नैमिषारण्य, वाराणसी के पर्यटन विकास की योजनाएं बनाई जा रही हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्री डा. महेश शर्मा के साथ प्रदेश के पांच शहरों को होलिस्टिक सिटी बनाने पर चर्चा हुई है। जल्द ही इन शहरों की डीपीआर तैयार हो जाएंगी।
बुंदेलखंड सर्किट बनाएंगी मंत्री, पहले से मौजूद है सर्किट
आगरा। पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने बुंदेलखंड की बदहाली को दूर करने के लिए पर्यटन से जोड़ने की वकालत की और इसके लिए बुंदेलखंड सर्किट बनाने का एलान किया, लेकिन यह सर्किट पहले से ही उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा बनाया जा चुका है, जिसकी वेबसाइट भी बनी हुई है। पर्यटन मंत्री ने बिठूर, ओरछा, झांसी, कालिंजर, चित्रकूट, कालपी को सर्किट का हिस्सा बताया, जबकि बुंदेलखंड सर्किट में झांसी, ललितपुर, देवघर, महोबा, जालौन, कालपी, कालिंजर और चित्रकूट शामिल हैं। बुंदेलखंड में प्रो-पूअर डेवलपमेंट योजना के जरिए पिछड़े क्षेत्रों में विकास योजनाएं लाएंगे।
300 करोड़ हो चुके जारी
केंद्र सरकार रामायण और कृष्णा सर्किट के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये राज्य सरकार को दे चुकी है। पर्यटन मंत्रालय के रामायण सर्किट में यूपी में चार नगरों के अलावा 6 राज्यों में बिहार में सीतामढ़ी, बक्सर, दरभंगा, छत्तीसगढ़ में जगदलपुर, तेलंगाना में भद्राचलम, कर्नाटक में हंपी, तमिलनाडु में रामेश्वरम शामिल है। कृष्णा सर्किट में यूपी के अलावा 5 राज्यों में गुजरात का द्वारका, राजस्थान का नाथद्वारा, जयपुर और सीकर, हरियाणा का कुरुक्षेत्र, ओडिसा का पुरी शामिल है।
कृष्णा और रामायण सर्किट में ये शहर
कृष्णा सर्किट- मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन
रामायण सर्किट- अयोध्या, नंदीग्राम, श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट