मैनपुरी। जिले में 24 स्थानों पर होलिका दहन होगा। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। होलिका दहन 28 मार्च को किया जाएगा। 29 मार्च को रंगों की होली होगी। कोरोना महामारी के बीच आयोजित हो रहे होली के त्योहार को लेकर जिला प्रशासन सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
आचार्य रामानंदन बताते हैं कि होली के अवसर पर पूर्णिमा को होलिका व्रत का संकल्प करें। दोपहर में होलिका दहन वाले स्थान को पवित्र जल से शुद्ध कर लें। उसमें लकड़ी, सूखे उपले डालें। शाम के समय उसकी पूजा करें। होलिका के पास और किसी मंदिर में दीपक जलाएं। होलिका में कपूर भी डालना चाहिए, इससे होली जलते समय कपूर का धुआं वातावरण की पवित्रता बढ़ाता है। शुद्ध जल सहित अन्य पूजा सामग्रियों को एक-एक कर होलिका को अर्पित करें।
होलिका दहन के समय परिवार के सभी सदस्यों को होलिका की तीन या सात परिक्रमा करनी चाहिए। इसके बाद घर से लाए हुए जौ, गेहूं, चने की वालों को होली की ज्वाला में डाल दें। होली की अग्नि और भस्म लेकर घर आएं और पूजा वाली जगह रखें। आचार्य रामानंदन के मुताबिक, इस बार 28 मार्च को सुबह 3:27 बजे से पूर्णिमा तिथि लग रही है और यह 28 और 29 मार्च की मध्य रात्रि 12:17 बजे समाप्त हो रही है। इसीलिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 28 मार्च को सूर्यास्त शाम 6:51 बजे से लेकर रात 9 :12 बजे तक है।
होलिका दहन- 28 मार्च
होलिका दहन शुभ मुहूर्त- शाम 6:51 बजे से 9:12 बजे तक
होलिका दहन का कुल समय- दो घंटे 21 मिनट