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Holi 2026:  सिंथेटिक रंगों से चेहरे पर चकत्ते, पक्के रंग छुड़ाने के लिए परेशान न हों; इन बातों का रखें ध्यान

Fri, 06 Mar 2026 08:56 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

अगर आपकी त्वचा पर भी होली का पक्का रंग लगा है, तो इसे छुड़ाने के लिए ज्यादा परेशान न हों। अधिक रगड़ने या फिर बार-बार साबुन लगाने से परेशानी हो सकती है। 
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होली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के एसएन के मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में होली के बाद त्वचा की एलर्जी, अस्थमा और सांस रोगियों की संख्या बढ़ गई। ओपीडी में ऐसे कई मरीज आए, जिन्होंने रंग साफ करने के लिए बार-बार साबुन से मुंह धोया। इससे चकत्ते और एलर्जी की दिक्कत और बढ़ गई। डॉक्टरों ने दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी बताया।
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त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि ओपीडी में करीब 10 फीसदी मरीजों के चेहरे पर लाल-सफेद चकत्ते, दाने और गर्दन पर एलर्जी मिली है। ये सिंथेटिक रंग के उपयोग करने से हुआ है। कई ऐसे भी मरीज आए, जिन्होंने रंग उतारने के लिए कपड़े के साबुन का भी इस्तेमाल कर लिया। इससे एलर्जी और गंभीर हो गई। इनको दवा देने के साथ ही मरीजों को अच्छी गुणवत्ता की क्रीम उपयोग करने की सलाह दी है। अभी मरीजों की संख्या और बढ़ेगी।

टीबी एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि गुलाल नाक में जाने से एलर्जी, सूखी खांसी, छींक आने की परेशानी मिली। अस्थमा और सांस रोगियों को सांस लेने में भी परेशानी हुई। पांच मरीज भर्ती करने पड़े, ओपीडी में आए 8-10 मरीजों को दवाओं की डोज बढ़ाकर भी देनी पड़ी।

 
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इन बातों का रखें ध्यान:
सिर और चेहरे पर रंग उतारने के लिए साबुन बार-बार न लगाएं।
दो-तीन दिन में क्रीम से एलर्जी ठीक नहीं हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
अस्थमा और सांस रोगी दवाएं बंद न करें, परेशानी बढ़ने पर डॉक्टर को दिखाएं।




 
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