फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्रज की होली: बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों पर बरस रहे आस्था के रंग, बरसाना में 10 मार्च को लड्डू होली

Tue, 08 Mar 2022 04:55 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

ब्रज में होली का उल्लास छाया हुआ है। मंदिरों में रंग बरस रहे हैं। अब 10 मार्च को बरसाना की लड्डू होली के साथ प्रमुख आयोजन शुरू हो जाएंगे। 
विज्ञापन
बांकेबिहारी मंदिर में बरसते रंग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्रज में होली का उत्सव अब अपने चरम पर है। मुख्य आयोजन 10 मार्च से शुरू हो जाएंगे। इसकी शुरुआत बरसाना की लड्डू होली से होने जा रही है। इसी दिन बलदेव में होली के गीतों के स्वर गूंजने लगेंगे। ब्रज की होली के साथ ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की एक झलक पाने को देश-दुनिया से श्रद्धालु अब वृंदावन में डेरा डालने लगे हैं। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में हर दिन दर्शन के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ रहा है। मंदिर परिसर से लेकर गलियों में भक्तों की भीड़ देखी जा सकती है।

विज्ञापन


लड्डू होली सिर्फ बरसाना में ही देखने को मिलती है। यहां लठामार होली से एक दिन पहले लड्डू होली राधारानी मंदिर में होती है। इसमें कुंतलों लड्डू बरसाए जाते हैं। राधारानी का प्रसाद रूपी लड्डू जिन श्रद्धालुओं को मिलता है, वे खुद को धन्य समझते हैं। अनूठी होली देखने के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु ब्रज में पहुंचने लगे हैं। श्रीराधारानी मंदिर में लड्डू होली को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। लड्डू होली के बाद बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लठामार होली खेली जाएगी। 

वृंदावन के मंदिरों में उमड़ रही भीड़ 

तीर्थनगरी वृंदावन के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बांकेबिहारी मंदिर में प्रतिदिन आस्था के रंग बरसते हैं। प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिरों में भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं के अधिक दबाव के कारण में वृंदावन में जाम के हालात बन रहे हैं। सोमवार को इस्कॉन मंदिर से लेकर विद्यापीठ चौराहा तक दिनभर चार व तीन पहिया वाहन रेंगते रहे। 

विज्ञापन

वाहनों के दबाव के कारण बन रही जाम की स्थिति  

श्रद्धालुओं के वाहन सड़कों के दोनों ओर बेतरतीब तरीके से खड़े नजर आए। इन वाहनों की सुध लेने वाला भी कोई नहीं था। सड़क के दोनों ओर खड़े वाहनों के कारण रास्ते में दूसरे वाहनों को गुजरना आसान न था और वाहनों की लंबी कतार देखने को मिल रही थी। ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी से श्रद्धालु और आम नागरिक पूरे दिन परेशान रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें