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खौफ: जिले में साल दर साल बढ़ रहे एड्स के मरीज

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मैनपुरी। जिले में साल दर साल एड्स के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या कहीं न कहीं चिंता का कारण है। पांच वर्ष पहले जिले में एचआईवी के 26 मरीज मिले थे, वहीं 2019 में यह आंकड़ा 38 पर पहुंच गया। लोगों में जागरूकता की कमी और निजी अस्पताल संचालकों की लापरवाही भी मरीजों की संख्या बढ़ने का बड़ा कारण है।
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दो निजी अस्पतालों की लापरवाही से ही दो परिवारों के पांच लोग एचआईवी एड्स का शिकार हो गए। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को इन अस्पतालों पर शिकंजा कसना चाहिए। साथ ही इस बात की भी पड़ताल करनी चाहिए कि आखिर मरीजों को चढ़ाया गया खून कहां से आया। मरीजों और तीमारदारों को भी चाहिए कि वह खून जिला अस्पताल की ब्लड बैंक से ही लें, क्यों कि जिले में ब्लड बैंक के अलावा दूसरा पंजीकृत ब्लड बैंक नहीं है।
पिछले पांच वर्ष में मिले एचआईवी पॉजिटिव मरीज
वर्ष मरीजों की संख्या
2015 26
2016 27
2017 39
2018 30
2019 38
एड्स के लक्षण
-तेजी के साथ अत्यधिक वजन कम होना
-अधिक समय तक सूखी खांसी आना
-बार-बार बुखार आना
-लसिकाओं/ ग्रंथियों में सूजन होना
-एक हफ्ते से अधिक समय तक दस्त होना
-शरीर की मांसपेशियों में दर्द रहना
-जी मिचलना और उलटियां आना
-रात को तपसीना आना
एड्स फैलने के ये हैं कारण
-अवैध संबंध बनाने से
-दूषित सुइयों का प्रयोग करने से
-एचआईवी पीड़ित मां से गर्भ में पल रहे बच्चे को
-एचआईवी संक्रमित व्यक्ति द्वारा अंग दान करने से
-एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने से
जनवरी में जिले में कुल छह लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य और दंपती के अलावा एक ड्राइवर शामिल है। दो परिवारों के सदस्यों को एचआईवी एड्स होने का कारण संक्रमित रक्त बताया गया है। उच्चाधिकारियों को भी रिपोर्ट भेज दी गई है।
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-नरसिंह राठौर, प्रभारी एड्स जांच केंद्र।
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