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एक्सक्लूसिव: आगरा में समलैंगिक संबंधों और संक्रमित सुई-रक्त से ढाई गुना बढ़े एचआईवी के मरीज

Fri, 19 Mar 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • चिकित्सक बोले- 25 से 35 साल के मरीज सबसे अधिक
  • संक्रमित सुई से मर्ज के मामले में नशे के आदी ज्यादा
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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आगरा जिले में एचआईवी के नए मरीजों में समलैंगिक संबंधों और संक्रमित सुई-रक्त से बीमार होने के मामले पांच साल में ढाई गुना बढ़ गए हैं। जबकि असुरक्षित यौन संबंध से बीमारी फैलने के मामलों में कमी आई है। 

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एसएन मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर प्रभारी डॉ. जितेंद्र दौनेरिया ने बताया कि 2015-16 में असुरक्षित यौन संबंध के कारण 2916 मरीज थे, जो 2020-21 में 5690 हो गए। ऐसे मरीजों की बढ़ने की दर दोगुना से कम ही है। लेकिन समलैंगिक रिश्तों और संक्रमित सुई-रक्त के इस्तेमाल करने से मरीजों की संख्या ढाई गुना से अधिक बढ़ी है। 

समलैंगिक संबंधों के कारण संक्रमित हुए अभी कुल 153 मरीज हैं, पांच साल पहले यह संख्या 59 थी। संक्रमित रक्त से मर्ज मिलने वाले अभी 476 और सुई से बीमार होने वाले 331 मरीज हैं। 2015-16 में संक्रमित रक्त से 189 और सुई से 161 लोगों को एचआईवी हुआ। 

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समलैंगिक संबंधों से एचआईवी से ग्रसित हुए मरीजों में युवाओं की संख्या अधिक है, इनमें 25 से 35 साल के सबसे ज्यादा मरीज हैं और इनमें उच्च शिक्षित भी हैं। संक्रमित सुई से एचआईवी का शिकार बनने वालों में अधिकांश नशे के आदी मिले, जो नशे के लिए एक ही इंजेक्शन का कई लोग या बार-बार इस्तेमाल करते थे।  

चिकित्सकों से परामर्श लें, झिझकें नहीं
एआरटी सेंटर की काउंसलर शीतल तोमर ने कहा कि सावधानी और जागरूकता ही इस बीमारी से बचने का सबसे सरल इलाज है। एसएन के एआरटी सेंटर में काउंसलर और जांच की सुविधा है। बिना झिझके परामर्श लें। मरीजों की काउंसिलिंग के साथ इलाज भी दिया जाता है। 

केस एक: 
सदर क्षेत्र में 32 साल का युवक इवेंट कंपनी चलाता है। समलैंगिक है और जब इसकी तबियत खराब रहने लगी तो एसएन में जांच कराई तो एचआईवी की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने इसकी काउंसिलिंग की और अभी इलाज चल रहा है।
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केस दो: 
लोहामंडी क्षेत्र में 41 साल का व्यक्ति नशे का आदी है, यह इंजेक्शन लगाकर नशा करता है। कमजोरी और परेशानी होने पर जांच में बीमारी मिली। इसके एक और साथी में भी एचआईवी की पुष्टि हुई। दोनों साथ में एक ही सुई से नशा करते थे।
 
एचआईवी मरीज 2020-21 2015-16
कुल पंजीकरण 10570  5978
सक्रिय मरीज 4381 2916
असुरक्षित यौन संबंध 5690 2916
संक्रमित रक्त 476 189
समलैंगिक 153  59
संक्रमित सुई 331   161

 
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