आगरा में मोहर्रम की सात तारीख यानी शनिवार को इमामबाड़ों में ताजिये रखे जाएंगे। शहर में करीब दो हजार ताजिये रखे जाते हैं, लेकिन पुराने शहर के पाय चौकी, कटरा दबकैय्यान इमामबाड़े में रखे जाने वाला फूलों का ताजिया 317 साल से रखा जा रहा है।
इस बार भी घास, दाल, रुई के साथ बना फूलों का ताजिया तैयार हो चुका है। इसे रखने वाले हाजी चौधरी सरफराज खां ने बताया कि मुगलकाल में इसकी परंपरा शुरू हुई। आज दसवीं पीढ़ी इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
इसी ताजिये को जुलूस के लिए सबसे पहले उठाया जाता है। मोहर्रम की सात से 10 तारीख तक ताजिए पर करीब चार-पांच सौ किलो तक फूल चढ़ाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता चौधरी सईद खां, इसके पहले चौधरी नस्सन खां ताजिये को रखते थे।