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एतिहासिक जनकपुरी में रामलीला से पहले ‘रार लीला’, मर्यादाएं ताक पर

Mon, 01 Oct 2018 05:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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जनकपुरी अध्यक्ष मंडल के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में ऐतिहासिक जनकपुरी से जुड़े विवादों की कड़ी में रविवार को ऐसा विवाद जुड़ा कि देखने-सुनने वाले हतप्रभ रह गए। खुलकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। सीमाओं को लांघकर धमकियां दी गईं और एक पदाधिकारी ने राजा जनक (दीपक गोयल) के निवास पर खाने की प्लेट तक तोड़ डाली। 
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वहीं, दूसरा मोर्चा आयोजन कमेटी के तहत बनाई गई विकास समिति ने खोल दिया। विकास समिति के लोगों ने आयोजन के बहिष्कार की चेतावनी तक दे डाली। रविवार को दोपहर से शुरू हुई ‘रार लीला’ देर शाम तक चलती रही। 

दीपक गोयल ने अपने निवास पर पत्रकार वार्ता का आयोजन किया था। तय समय पर मीडिया के लोग उनके निवास पर पहुंच गए। वार्ता में अध्यक्ष मंडल के सदस्य विधायक जगन प्रसाद गर्ग, डॉ. डीसी गोयल, महेश चंद शर्मा, समीर चतुर्वेदी, स्वागत अध्यक्ष छोटे लाल आदि मौजूद थे। 
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हंगामा, प्लेटें फेंकी

इसी दौरान जनकपुरी समिति के मीडिया प्रभारी अनूप जिंदल, और मनीष अग्रवाल पहुंच गए। उन्होंने हंगामा कर दिया। कहा कि जब कमेटी में मीडिया प्रभारी का दायित्व उन्हें सौंपा है तो फिर प्रदीप खंडेलवाल यहां किस हैसियत से है। उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश कर डाली। काफी हंगामा हुआ, तब डॉ. डीसी गोयल ने दोनों को शांत किया। 

इसके बाद विवाद इस पर हो गया है कि प्रदीप खंडेलवाल को समिति सर्व व्यवस्था प्रमुख का दायित्व किसने दिया। विधायक जगन गर्ग ने कहा कि अध्यक्ष मंडल की सहमति से बनाया गया है। इस पर अध्यक्ष मंडल के सदस्यों से पूछा गया तो डीसी गोयल ने स्पष्ट इनकार दिया। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं। अन्य दो अध्यक्षों ने मौन धारण कर लिया। 

मनीष अग्रवाल और अनूप जिंदल के जाने के बाद प्रदीप खंडेलवाल ने उनके खिलाफ बयानबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। डॉ. डीसी गोयल ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो प्रदीप खंडेलवाल ने डीसी गोयल पर दोनों को संरक्षण देने का आरोप लगा दिया। इससे तैश में आए डॉ. डीसी गोयल ने खाने की प्लेट फेंक दी और इस रवैये की निंदा की। वहां के हालात तनावपूर्ण हो गए, तब राजा जनक के परिवार के सदस्यों और वहां मौजूद अन्य लोगों ने मामला शांत किया। 

'पूरा आयोजन वन मैन शो'

प्रेस वार्ता के दौरान ही विकास समिति के लोग भी पहुंच गए थे। उन्होंने भी जनक निवास पर हंगामा किया। बाद में राधा कृष्ण मंदिर पर बैठक की। बैठक में पार्षद नेहा गुप्ता, धर्मवीर सिंह, विनय मित्तल, देवाशीष शर्मा आदि ने कहा कि जनकपुरी के नाम पर अपने हित साधने की कोशिश हो रही है। विकास कार्यों में किसी की सुनवाई नहीं हो रही है। विकास समिति बनाई गई है, लेकिन समिति की सुनी नहीं जा रही है। पूरा आयोजन वन मैन शो बन गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई और काम नहीं हुए तो इस आयोजन का बहिष्कार करेंगे। 

जनक ने बताई कार्यक्रमों की रूपरेखा
दीपक गोयल ने प्रेस वार्ता के दौरान कार्यक्रमों की जानकारी दी। बताया कि उनके निवास पर चार अक्तूबर को दोपहर तीन से छह बजे तक माता जानकी को मेहंदी लगाने और हल्दी की रस्म होगी। पांच अक्तूबर को रात 10 बजे जानकी जी रथ पर सवार होकर जनकपुरी का भ्रमण करेंगी। 

सात अक्तूबर दोपहर 12 बजे से बड़हार की दावत होगी और सात अक्तूबर की शाम को माता सीता प्रभु राम के साथ अयोध्या के लिए प्रस्थान कर जाएंगी। गोयल ने कहा कि यह उनके पूर्वजों के पुण्य प्रताप का परिणाम है कि उन्हें माता सीता का पिता बनने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने अपील की कि भगवान राम और माता सीता के विवाह के इस ऐतिहासिक आयोजन को शांतिपूर्ण संपन्न कराएं। 
 
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विवाद दर विवाद

- समीर चतुर्वेदी को अध्यक्ष बनाने पर हुआ विवाद।
- महेश चंद शर्मा को दूसरा अध्यक्ष कर दिया घोषित।
- रामलीला कमेटी के हस्तक्षेप से पांच अध्यक्ष बनाए।
- जनक महल के निर्माण को लेकर हुआ था विवाद।
- विकास कार्यों को लेकर कमेटी ने किया हंगामा। 
- क्षेत्र की जनता ने किया पार्षदों का घेराव, हंगामा। 
- सांसद कठेरिया के बयान के बाद गरमाया माहौल।
- अब सर्व व्यवस्था प्रमुख बनाने का पर हो गई रार।

अध्यक्ष मंडल के सदस्य डॉ डीसी गोयल ने कहा कि जनक महल के संबंध में मुझसे व्यक्तिगत राय ली गई थी। कमेटी के अन्य सदस्यों के विषय में मुझे जानकारी नहीं है, लेकिन सर्व व्यवस्था प्रमुख के संबंध में विधायक जगन गर्ग ने मुझे कोई जानकारी नहीं दी। 

भाजपा विधायक जगन प्रसाग गर्ग ने कहा कि कुछ लोग बेवजह विवाद खड़ा कर रहे हैं। आयोजन में तमाम काम होते हैं। अध्यक्षीय सदस्य मंडल के सभी सदस्य इतना समय नहीं दे पा रहे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए व्यवस्था का प्रमुख बनाया गया है और यह तो राम काम है। किसी को काम करने से रोका थोड़े ही गया है। 
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