फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीम के पेड़ को अंतिम विदाई देने उमड़े हिन्दू-मुस्लिम, इसके पीछे की कहानी कर देगी आपको भावुक

Sat, 26 May 2018 05:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मिरहची (एटा)
विज्ञापन
नीम का पेड़ कटने से पहले छांव में खड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में शनिवार को अनोखा नजारा देखा गया। यहां हिन्दू-मुस्लिम समाज के लोगों ने एक नीम के पेड़ को अंतिम विदाई दी। इस मौके पर पूजा-प्रार्थना भी की गई। 
विज्ञापन


कासगंज-एटा फोरलेन निर्माण कार्य के चलते सड़क किनारे पेड़ों का कटान किया जा रहा है। इसी क्रम में मिरहची चौराहा पर खड़े सैकडों वर्ष पुराने नीम को पेड़ काटे जाने पर स्थानीय लोग भावुक हो गए। 

कस्बा मिरहची के मुख्य चौराहा पर कब्रिस्तान के समीप स्थित पुराने नीम के पेड़ की पहचान अपने आप में निराली है। सैकड़ों वर्षों से यह पेड़ लोगों को शीतल छांव दे रहा 
विज्ञापन
विज्ञापन

इस पेड़ की लंबी फैली शाखाओं की छांव के नीचे जिन्हैरा, मिरहची के दर्जनों परिवार अपनी रोजी रोटी कई दर्शकों से चलाकर गुजर बसर करते रहे हैं। चौराहा पर पेड़ के नीचे कई दुकानें लगी रहती हैं।  

बुजुर्ग लोगों ने बताया कि चौराहे पर वाहनों के इंतजार करने वाले क्षेत्रीय लोगों को भी पुराने नीम के पेड़ की शीतल छांव राहत देती थी। अब उसके कट जाने से चौराहे पर सूनापन लगेगा।  

शनिवार सुबह को इस विशाल पेड़ पर आरी चलने से पूर्व नवीशेर अल्वी, गोपाल साहू, राजेंद्र साहू, सुहान अली समेत कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें हटाकर पूजा की। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ पेड़ का अंतिम विदाई दी। 

जिसकी छांव में बचपन बीता। खेलकूद कर बड़े हुए। जब उस पेड़ पर आरी चली तो लोग भावुक हो गए। पूजा कर नीम के पेड़ को अंतिम विदाई दी गई। प्रसाद के तौर पर पूड़ी-सब्जी बांटी गई। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें