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प्रशासन के 'देवता' अभी तक सोए नहीं, परंपरा को दरकिनार कर कराया 67 जोड़ों का विवाह

Tue, 30 Jul 2019 01:56 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में जोड़े और उनके परिजन - फोटो : अमर उजाला
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देवशयनी एकादशी पर सभी देवता शयन को गए हैं, लेकिन शायद एटा जिला प्रशासन के नहीं। तभी तो प्रशासन ने एक नहीं 67 जोड़ों का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह करा दिया। वहीं एक दूल्हे ने सावन में शादी करने से इंकार कर दिया। 
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शादी कराने वाले पंडितों ने भी विरोध किया, लेकिन विधायक, अफसरों समेत अन्य गणमान्य लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद दे डाला। योजना के तहत वधू को 35 हजार रुपये का चेक और 10 हजार हजार का सामान दिया गया। 

सोमवार को शहर के जिला पंचायत स्थित जनेश्वर मिश्र सभागार में हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में कुरान की आयतों के साथ 11 जोड़ों ने निकाह कबूल किया। 67 जोड़े हिंदू रीति रिवाज से वैवाहिक बंधन में बंधे।
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सावन में शादी से इंकार

जैथरा ब्लाक के एक गांव निवासी युवती की शादी सामूहिक विवाह समारोह में होनी थी। लेकिन लड़का समय से नहीं आया तो युवती के पिता ने फोन से संपर्क किया। इस पर लड़का पक्ष ने सावन में विवाह करने से इंकार कर दिया। 

जिलाधिकारी सुखलाल भारती ने कहा कि मैंने हाल ही में यहां कार्यभार ग्रहण किया है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम मेरे आने से पहले तय गया था। वहीं सीडीओ मदन वर्मा ने कहा कि विवाह समारोह में पंडित वर्ग ने मंत्रोच्चार कर क्रियाएं संपन्न कराईं। उन्होंने सावन में विवाह नहीं होने को लेकर आपत्ति नहीं जताई। 
 
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