हिंदीहैंहमः संवाद में वक्ताओं ने रखे अपने विचार
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फिरोजाबाद में कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने पढ़ाई दूसरे विषयों से की लेकिन उनको पहचान हिंदी से ही मिली। हिंदी से ही शहर का नाम भी देश से बाहर रोशन किया। अमर उजाला द्वारा व्हाट्सएप पर हुए संवाद में लोगों ने अपनी राय रखी।
राज्य शिक्षा सेवा में अधिकारी पद पर नियुक्त हैं संजीव
गांधी नगर निवासी संजीव सारस्वत तपन ने बताया कि एमएससी (गणित) करने के बाद बाद एमए (हिंदी साहित्य) से की और पीएचडी भी की। 30 वर्षों से हिंदी काव्य मंचों पर सक्रिय रहे। आकाशवाणी, दूरदर्शन, चैनलों पर काव्य पाठ किया है। उन्होंने एक गजल संग्रह एवं एक गीत संग्रह भी लिखा है। वर्तमान में राज्य शिक्षा सेवा उत्तराखंड में अधिकारी के पद पर कार्यरत। उत्तराखंड एवं पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में विभिन्न हिंदी कविताओं के कार्यक्रम में प्रतिभाग किया है और हिंदी की बदौलत ही कई सम्मान भी पाए हैं।
नेपाल में भी हिंदी को बताया सबसे महान भाषा
टूंडला निवासी कवि लटूरी सिंह लट्ठ बताते हैं कि हिंदी की बदौलत ही पूरे देश में राष्ट्रीय कवि के रूप में पहचान बनाई। देश का शायद ही ऐसा कोई प्रांत हो, जहां हिंदी भाषा का पक्ष मजबूती से न रखा हो। उन्होंने बताया कि नेपाल में भी हिंदी कवि सम्मेलन में भाग लेने पहुंचा और हिंदी को ही सबसे महान भाषा बताया। उन्होंने बताया कि मैं एक हिंदी मीडियम स्कूल का संचालन करता हूं। लोगों ने उसे अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित करने की मांग की। किंतु उन्होंने हिंदी से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया।