आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के ‘पढ़े आगरा-बढ़े आगरा’ कार्यक्रम में बुधवार को किसी ने श्रीमद्भागवत गीता पढ़ी तो किसी ने प्रकृति और संस्कृति किताब। ‘अमर उजाला’ के हिंदी हैं हम अभियान से जुड़कर लोगों ने हिंदी की कविताएं, उपन्यास और कहानियां पढ़ी हैं। हिंदी पुस्तकें पढ़ते हुए अपनी तस्वीरें विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कीं।
पढ़े आगरा-बढ़े आगरा का बुधवार को नौवां कार्यक्रम आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अलावा बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल ने लोगों से अपील की थी कि अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान से जुड़कर हिंदी की पुस्तकें पढ़ें। इसका व्यापक असर हुआ। लोगों ने हिंदी की पुस्तकें पढ़ते हुए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपनी तस्वीरें अपलोड कीं।
#हिंदीहैंहम: किताब पढ़ते विश्वविद्यालय के पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
कुलपति ने दादा की दांत, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार ने श्रीमद्भागवत गीता (सरल हिंदी में), वित्त अधिकारी एके सिंह ने प्रकृति और संस्कृति पुस्तक पढ़ते फोटो साझा की। राजकीय हाईस्कूल, तेहरा के शिक्षक और शिक्षिकाओं ने किताबें पढ़ते हुए तस्वीरें साझा कीं। लोगों ने हठ कर बैठा चांद एक दिन और उठो लाल अब आंखें खोलो कविता भी पढ़ी। कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र भी अभियान का हिस्सा बने।
प्रतिभागियों को ई-बैज दिया जाएगा
पढ़े आगरा, बढ़े आगरा अभियान के समन्वयक डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि इस बार के कार्यक्रम में भी लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों को ई-बैज प्रदान किया जाएगा। उनकी फोटो पढ़े आगरा डॉट कॉम पर भी प्रकाशित की जाएगी। अभियान का दसवां आयोजन दो अक्तूबर को होगा। इसका विषय- महात्मा गांधी की किसी पुस्तक या उनसे संबंधित किसी पुस्तक को पढ़ना रहेगा। कार्यक्रम में ईजी डॉट के गजेंद्र प्रताप सिंह ने सहयोग दिया।
किसी भी विषय को मातृभाषा में समझना ज्यादा आसान : कुलपति
अमर उजाला बहुत ही अच्छा अभियान चला रहा है, हिंदी हैं हम, इसका उद्देश्य हिंदी भाषा का प्रचार प्रसार है, हम लोग भारतवासी हैं, हिंदी हमारी मातृभाषा है, कोई विषय हम जितना अपनी मातृभाषा में समझ सकते हैं, उतना किसी और भाषा में नहीं। छात्र-छात्राएं ज्यादा से ज्यादा हिंदी की किताबें पढ़ें। वे महसूस करेंगे कि उन्हें समझने में बहुत आसानी होगी। हमने हिंदी की बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं जो जीवन में प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। हिंदी में बहुत अच्छा साहित्य है।