न्यायविद चंद्रशेखर उपाध्याय व अन्य (बीच में)
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उच्च न्यायालयों एवं उच्चतम न्यायालय में कामकाज हिंदी में कराए के मकसद से आगरा निवासी न्यायविद चंद्रशेखर उपाध्याय देशव्यापी मुहिम चला रहे हैं। उनका कहना है कि अब तक 40 लाख हस्ताक्षर करा चुके हैं। उनका लक्ष्य दो करोड़ हस्ताक्षर कराकर समाजसेवी अन्ना हजारे के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र सौंपना हैं ताकि सरकार संविधान के अनुच्छेद 348 में संशोधन कर इसकी व्यवस्था करे।
उत्तराखंड विधि आयोग के सदस्य चंद्रशेखर आगरा के किरावली के पास विद्यापुर गांव के निवासी है। उनका कहना है कि अदालतों में कामकाज अंग्रेजी में किए जाने की व्यवस्था सिर्फ 15 साल के लिए की गई थी। ठीक वैसे ही जैसे अनुच्छेद 370 को अस्थायी रूप से लगाया गया था।
जैसे 370 को हटाया गया, वैसे ही अंग्रेजी में याचिका दायर करने से लेकर बहस और फिर फैसले दिए जाने की व्यवस्था को खत्म किया जाना चाहिए। यह काम राजभाषा में होना चाहिए। जिस राज्य की जो राजभाषा है, अदालत में कामकाज उसी में हो। इस मुहिम के लिए उन्होंने इसी साल 18 जनवरी को आगरा में हिंदी से न्याय संचालन समिति का गठन किया।