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#हिंदीहैंहम: 'हिंदी में न्याय' के लिए देशव्यापी मुहिम चला रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय के प्रपौत्र

Wed, 02 Sep 2020 07:18 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • हिंदी में न्याय के लिए कराए 40 लाख हस्ताक्षर 
  • दो करोड़ हस्ताक्षर कराकर प्रधानमंत्री को सौंपेगे पत्र
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न्यायविद चंद्रशेखर उपाध्याय व अन्य (बीच में) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उच्च न्यायालयों एवं उच्चतम न्यायालय में कामकाज हिंदी में कराए के मकसद से आगरा निवासी न्यायविद चंद्रशेखर उपाध्याय देशव्यापी मुहिम चला रहे हैं। उनका कहना है कि अब तक 40 लाख हस्ताक्षर करा चुके हैं। उनका लक्ष्य दो करोड़ हस्ताक्षर कराकर समाजसेवी अन्ना हजारे के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र सौंपना हैं ताकि सरकार संविधान के अनुच्छेद 348 में संशोधन कर इसकी व्यवस्था करे। 

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उत्तराखंड विधि आयोग के सदस्य चंद्रशेखर आगरा के किरावली के पास विद्यापुर गांव के निवासी है। उनका कहना है कि अदालतों में कामकाज अंग्रेजी में किए जाने की व्यवस्था सिर्फ 15 साल के लिए की गई थी। ठीक वैसे ही जैसे अनुच्छेद 370 को अस्थायी रूप से लगाया गया था। 


जैसे 370 को हटाया गया, वैसे ही अंग्रेजी में याचिका दायर करने से लेकर बहस और फिर फैसले दिए जाने की व्यवस्था को खत्म किया जाना चाहिए। यह काम राजभाषा में होना चाहिए। जिस राज्य की जो राजभाषा है, अदालत में कामकाज उसी में हो। इस मुहिम के लिए उन्होंने इसी साल 18 जनवरी को आगरा में हिंदी से न्याय संचालन समिति का गठन किया।

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30 साल से चल रहा है अभियान

जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के प्रपौत्र चंद्रशेखर उपाध्याय ने हिंदी से न्याय की मुहिम 30 साल पहले 23 मार्च 1990 को आगरा से ही शुरू की थी। चंद्रशेखर ने उत्तराखंड के एडिशनल एडवोकेट जनरल रहते हुए 2004 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में हिंदी भाषा में शपथपत्र दाखिल किया और उसे स्वीकार कराया। चंद्रशेखर हिंदी माध्यम से एलएलएम उत्तीर्ण करने वाले पहले छात्र हैं।

आगरा में कराए 20 हजार हस्ताक्षर 

हिंदी से न्याय संचालन समिति के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार ने बताया कि आगरा में अब तक 20 हजार हस्ताक्षर कराए जा चुके हैं। पहला हस्ताक्षर डॉ. विनोद कुमार माहेश्वरी का कराया। वह उस समय आगरा कॉलेज के प्राचार्य थे। उनके पिता द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी ने हिंदी की बड़ी सेवा की। उनकी कविता, उठो लाख अब आंखें खोलो, पानी लाई हूं मुंह धो लो.. देश भर में लोकप्रिय है।
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